काहिरा विश्व कप में उदयवीर सिद्धू का पहला स्वर्ण
भारतीय निशानेबाज उदयवीर सिद्धू ने 11 अक्टूबर 2026 को मिस्र के काहिरा में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप में पुरुषों की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता। 24 वर्षीय सिद्धू ने फाइनल में 240.6 अंक हासिल किए। यह इस स्पर्धा में उनका पहला विश्व कप पदक और बड़ी अंतरराष्ट्रीय सफलता है।
फाइनल में करीबी मुकाबले के बाद स्वर्ण
सिद्धू ने क्वालिफिकेशन दौर में 585 अंक लेकर चौथा स्थान प्राप्त किया और आठ निशानेबाजों के फाइनल में जगह बनाई। फाइनल में उनका मुकाबला जर्मनी के क्रिश्चियन रिट्ज से रहा। रिट्ज ने 240.1 अंक के साथ रजत पदक जीता और सिद्धू से केवल 0.5 अंक पीछे रहे। इटली के पाओलो मोन्ना 219.8 अंक लेकर तीसरे स्थान पर रहे।
रिट्ज कई ओलंपिक पदक जीत चुके निशानेबाज हैं। ऐसे प्रतिद्वंद्वी के विरुद्ध बेहद कम अंतर से मिली जीत सिद्धू के प्रदर्शन को खास बनाती है। क्वालिफिकेशन में चौथे स्थान के बाद फाइनल में शीर्ष स्कोर हासिल करना उनके दबाव में बेहतर प्रदर्शन की क्षमता भी दिखाता है।
10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा का प्रारूप
10 मीटर एयर पिस्टल निशानेबाजी की सटीकता-आधारित स्पर्धा है। इसमें लक्ष्य फायरिंग प्वाइंट से 10 मीटर दूर रखा जाता है और खिलाड़ी 4.5 मिलीमीटर कैलिबर की एयर पिस्टल का उपयोग करते हैं। सामान्य क्वालिफिकेशन दौर में प्रत्येक खिलाड़ी 60 निशाने लगाता है। इसी दौर के अंकों के आधार पर शीर्ष आठ खिलाड़ी फाइनल में पहुंचते हैं। यह ओलंपिक निशानेबाजी स्पर्धाओं में भी शामिल है।
काहिरा में जारी है राइफल-पिस्टल विश्व कप
आईएसएसएफ राइफल-पिस्टल विश्व कप काहिरा में 8 से 16 अक्टूबर 2026 तक आयोजित हो रहा है। अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ (आईएसएसएफ) राइफल, पिस्टल और शॉटगन की अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं का संचालन करने वाली संस्था है। इसका गठन 1907 में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी संघ के रूप में हुआ था और 1998 में इसने अपना वर्तमान नाम अपनाया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- आईएसएसएफ की स्थापना 1907 में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी संघ के रूप में हुई थी।
- संस्था ने 1998 में अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी खेल महासंघ नाम अपनाया।
- 10 मीटर एयर पिस्टल ओलंपिक निशानेबाजी स्पर्धा है।
- उदयवीर सिद्धू ने काहिरा फाइनल में 240.6 अंक लेकर स्वर्ण पदक जीता।
काहिरा में सिद्धू की यह जीत भारतीय निशानेबाजी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। फाइनल में उनके प्रदर्शन ने उन्हें 10 मीटर एयर पिस्टल में विश्व कप स्तर पर पहला पदक दिलाया।