कर्नाटक में एचसीएलटेक-रैपिडस के केंद्रों से सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा

कर्नाटक में एचसीएलटेक-रैपिडस के केंद्रों से सेमीकंडक्टर डिजाइन को बढ़ावा

भारत की एचसीएलटेक और जापान की रैपिडस कॉरपोरेशन ने 26 अक्टूबर 2026 को कर्नाटक के बेंगलुरु और हुबली में सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग विकास केंद्र शुरू किए। इन केंद्रों का उद्देश्य रैपिडस की तकनीकी जरूरतों को पूरा करना और जापान में उसके कार्यबल के लिए भारतीय प्रतिभाओं की तैयारी करना है। ये डिजाइन और विकास केंद्र हैं, चिप निर्माण संयंत्र नहीं।

केंद्रों में किन कामों पर होगा ध्यान

दोनों केंद्र सेमीकंडक्टर डिजाइन से जुड़ी कई सेवाएं देंगे। इनमें मास्क डिजाइन, डिजाइन अवसंरचना, प्रक्रिया डिजाइन किट (पीडीके) का विकास, डिजाइन-प्रौद्योगिकी का संयुक्त अनुकूलन (डीटीसीओ) और चिप का भौतिक लेआउट तैयार करना शामिल है। ये काम किसी चिप को बनाने से पहले उसके डिजाइन और निर्माण प्रक्रिया के बीच तालमेल बैठाने में मदद करते हैं।

फोट मास्क में ऐसे पैटर्न होते हैं, जिनकी मदद से चिप का सर्किट डिजाइन वेफर पर स्थानांतरित किया जाता है। पीडीके में किसी खास निर्माण प्रक्रिया के डिजाइन नियम और मॉडल होते हैं। चिप डिजाइनर इनका उपयोग एकीकृत परिपथ तैयार करने और उसकी जांच के लिए करते हैं। डीटीसीओ में चिप के डिजाइन और उसे बनाने की प्रक्रिया को साथ-साथ बेहतर किया जाता है, जबकि लेआउट में सर्किट के घटकों और उनके आपसी संपर्कों की भौतिक व्यवस्था तय होती है।

रैपिडस की उन्नत चिप योजना

रैपिडस जापान की कंपनी है, जिसका ध्यान उन्नत लॉजिक सेमीकंडक्टर के विकास और निर्माण पर है। लॉजिक चिप इलेक्ट्रॉनिक प्रणालियों में डेटा संसाधित करने और गणनात्मक कार्य करने में उपयोग होती है। कंपनी का लक्ष्य वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में 2 नैनोमीटर श्रेणी के उत्पादों का बड़े पैमाने पर उत्पादन शुरू करना है।

नैनोमीटर का उल्लेख सेमीकंडक्टर निर्माण प्रक्रिया के एक नोड को दर्शाता है। इसे चिप पर मौजूद हर ट्रांजिस्टर के वास्तविक आकार का सीधा माप नहीं समझना चाहिए। सेमीकंडक्टर विकास में सर्किट डिजाइन के अलावा वेफर पर परिपथ बनाना और तैयार घटकों को जोड़ने तथा सुरक्षित रखने वाली उन्नत पैकेजिंग भी शामिल होती है। हालांकि, कर्नाटक के केंद्रों के लिए घोषित काम इंजीनियरिंग, डिजाइन और विकास से संबंधित है।

भारत-जापान सहयोग और कौशल विकास

इस साझेदारी में रैपिडस की सेमीकंडक्टर संबंधी जरूरतें और एचसीएलटेक की इंजीनियरिंग सेवाएं एक साथ आएंगी। प्रशिक्षण और प्रतिभा-विकास के जरिए भारतीय इंजीनियरों को जापान में काम करने के अवसरों के लिए तैयार करने की भी योजना है। इससे भारत की सेमीकंडक्टर डिजाइन क्षमता को अंतरराष्ट्रीय परियोजनाओं से जुड़ने का अवसर मिल सकता है।

हालांकि, कंपनियों ने साझेदारी का वित्तीय मूल्य या इन केंद्रों में काम करने वाले इंजीनियरों की संख्या सार्वजनिक नहीं की है। इसलिए इस पहल का रोजगार पर सटीक प्रभाव अभी तय नहीं है। इसका घोषित फोकस फिलहाल इंजीनियरिंग सेवाओं और कुशल प्रतिभा की तैयारी पर है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • रैपिडस कॉरपोरेशन जापान की कंपनी है और उन्नत लॉजिक सेमीकंडक्टर पर केंद्रित है।
  • एचसीएलटेक भारत की सूचना प्रौद्योगिकी सेवाएं देने वाली कंपनी है।
  • पीडीके का पूरा नाम प्रक्रिया डिजाइन किट है; इसमें किसी निर्माण प्रक्रिया के अनुसार चिप डिजाइन करने के नियम और मॉडल होते हैं।
  • नए इंजीनियरिंग केंद्र बेंगलुरु और हुबली, कर्नाटक में स्थित हैं।

कर्नाटक में ये केंद्र चिप निर्माण के बजाय डिजाइन इंजीनियरिंग और कौशल-विकास पर भारत-जापान सहयोग को आगे बढ़ाते हैं।

Originally written on October 27, 2026 and last modified on October 27, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *