अमेरिका द्वारा ‘डी मिनिमिस छूट’ समाप्त करने का असर: भारत के डाक उपभोक्ताओं और निर्यातकों पर व्यापक प्रभाव

भारत डाक ने 22 अगस्त को घोषणा की कि वह 25 अगस्त से अमेरिका के लिए सभी श्रेणियों की डाक वस्तुओं की बुकिंग और प्रेषण स्थगित कर रहा है, सिवाय दस्तावेजों/पत्रों और $100 तक के उपहारों के। यह निर्णय अमेरिका द्वारा ‘डी मिनिमिस टैक्स छूट’ को समाप्त करने के कारण लिया गया है, जो 29 अगस्त से प्रभावी हो गया।

क्या है डी मिनिमिस टैक्स छूट?

डी मिनिमिस छूट अमेरिका का लगभग सौ साल पुराना कानून है, जिसके अंतर्गत $800 तक के मूल्य वाले आयातित व्यक्तिगत पार्सल (प्रति व्यक्ति, प्रति दिन) पर कोई सीमा शुल्क या कर नहीं लगता था। यह सुविधा विशेष रूप से ई-कॉमर्स कंपनियों और छोटे निर्यातकों के लिए फायदेमंद थी। वित्त वर्ष 2024 में ऐसे छूट प्राप्त पार्सलों की संख्या 1.36 बिलियन से अधिक हो गई थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई 2025 को इस छूट को वापस लेने की घोषणा की, जिससे अब अमेरिका में भेजे जाने वाले सभी पार्सलों पर कर लागू होगा।

भारतीय डाक उपभोक्ताओं पर असर

भारत डाक ने बताया कि अमेरिका की ओर जाने वाले कैरियर्स ने ड्यूटी वसूली और डेटा साझा करने के नए अमेरिकी नियमों के तहत आवश्यक प्रणाली के अभाव में पार्सलों को ले जाने में असमर्थता जताई है। इस कारण अमेरिका जाने वाली पार्सल सेवा अस्थायी रूप से रोकी गई है।
कोयंबटूर जैसे औद्योगिक केंद्रों में, बुक किए गए हर 100 पार्सलों में से औसतन 15 अमेरिका के लिए होते हैं। बड़ी संख्या में भारतीय परिवार अपने अमेरिका निवासी रिश्तेदारों को उपहार व घरेलू वस्तुएँ भेजते हैं, लेकिन अब नई व्यवस्था के अभाव में वे ऐसा नहीं कर पा रहे हैं।

MSME और ई-कॉमर्स निर्यातकों पर प्रभाव

छोटे और मध्यम उद्यम (MSME) तथा ई-कॉमर्स निर्यातक सबसे अधिक प्रभावित होंगे। $800 तक की छूट समाप्त होने से अब हर शिपमेंट पर शुल्क देना होगा। इससे विशेष रूप से टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और आभूषण जैसे क्षेत्रों को झटका लगेगा, जो अमेरिका को भारत के कुल निर्यात का 60% से अधिक हिस्सा रखते हैं।
पहले इन पार्सलों के लिए Entry Type 86 प्रक्रिया लागू होती थी, जो सरल और कम लागत वाली थी। अब इसे Entry Type 11 ने बदल दिया है, जिसमें विस्तृत कागजी कार्रवाई, HTS कोड और मूल्य निर्धारण विवरण शामिल हैं। गलत घोषणाओं से पार्सलों में देरी और अतिरिक्त शुल्क का खतरा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • डी मिनिमिस छूट अमेरिका में $800 तक के पार्सलों को करमुक्त करती थी।
  • यह छूट 29 अगस्त, 2025 से समाप्त कर दी गई है।
  • भारत डाक ने 25 अगस्त से अमेरिका के लिए पार्सल बुकिंग स्थगित की है।
  • Entry Type 86 की जगह अब कठिन Entry Type 11 प्रणाली लागू होगी।
  • ई-कॉमर्स आधारित MSME क्षेत्र पर इस निर्णय का प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

यह परिवर्तन भारतीय निर्यातकों के लिए चुनौती जरूर है, लेकिन साथ ही यह उन्हें अपने अनुपालन तंत्र को आधुनिक बनाने और वैश्विक व्यापार में अधिक लचीलापन लाने का अवसर भी प्रदान करता है। रणनीतिक पुनर्विचार और डिजिटल व्यापार प्रक्रियाओं को अपनाना अब समय की मांग बन चुकी है।

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