SIPRI रिपोर्ट: भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बना हुआ

SIPRI रिपोर्ट: भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बना हुआ

स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) की नई रिपोर्ट के अनुसार भारत हाल के वर्षों में रक्षा आयात में मामूली कमी के बावजूद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक बना हुआ है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत के रक्षा खरीद पैटर्न में बदलाव दिखाई दे रहा है, क्योंकि देश अब रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और आपूर्तिकर्ताओं में विविधता लाने की दिशा में कदम उठा रहा है। वर्ष 2016–20 और 2021–25 के बीच भारत के हथियार आयात में लगभग 4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, फिर भी कई महत्वपूर्ण सैन्य प्रणालियों और तकनीकों के लिए भारत अभी भी विदेशी आपूर्तिकर्ताओं पर निर्भर है।

आत्मनिर्भरता प्रयासों के बीच आयात में कमी

सिप्री रिपोर्ट के अनुसार हथियार आयात में यह गिरावट मुख्य रूप से रक्षा क्षेत्र में “आत्मनिर्भर भारत” पहल के तहत घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने के कारण हुई है। भारत ने मिसाइल, तोपखाना प्रणाली और नौसैनिक प्लेटफॉर्म जैसे कई उपकरणों के स्वदेशी निर्माण पर ध्यान बढ़ाया है। इसके बावजूद अत्याधुनिक लड़ाकू विमान, वायु रक्षा प्रणाली और विशेष सैन्य तकनीकों के लिए भारत अभी भी विदेशी आयात पर निर्भर है।

रूस अब भी प्रमुख आपूर्तिकर्ता, लेकिन हिस्सेदारी घटी

रूस भारत को हथियार आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा देश बना हुआ है। वर्ष 2021–25 के दौरान भारत के कुल हथियार आयात में रूस की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत रही। हालांकि यह पहले की तुलना में काफी कम है। 2016–20 के दौरान रूस की हिस्सेदारी 51 प्रतिशत थी, जबकि 2011–15 के दौरान यह लगभग 70 प्रतिशत तक थी। यह गिरावट दर्शाती है कि भारत अब रक्षा खरीद में विविधता ला रहा है और पश्चिमी देशों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है।

फ्रांस और इज़राइल की बढ़ती भूमिका

फ्रांस भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 24 प्रतिशत है। हालांकि यह पहले के 29 प्रतिशत से थोड़ी कम है, लेकिन दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी मजबूत बनी हुई है। भारत द्वारा 114 अतिरिक्त राफेल लड़ाकू विमान खरीदने की योजना से यह सहयोग और मजबूत हो सकता है। इज़राइल भी भारत का एक प्रमुख रक्षा साझेदार है, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 15 प्रतिशत है। इज़राइल विशेष रूप से ड्रोन, मिसाइल और वायु रक्षा तकनीकों के क्षेत्र में भारत को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (सिप्री) स्वीडन स्थित एक अनुसंधान संस्थान है जो वैश्विक हथियार व्यापार का अध्ययन करता है।
  • सिप्री की 2021–25 रिपोर्ट के अनुसार भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आयातक है।
  • वैश्विक हथियार निर्यात में संयुक्त राज्य अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 42 प्रतिशत है।
  • 2021–25 की अवधि में वैश्विक हथियार निर्यात में इज़राइल ने यूनाइटेड किंगडम को पीछे छोड़ दिया।

वैश्विक हथियार व्यापार में वृद्धि

रिपोर्ट के अनुसार विश्व स्तर पर प्रमुख हथियारों का व्यापार 2016–20 और 2021–25 के बीच लगभग 9.2 प्रतिशत बढ़ा है। रूस–यूक्रेन युद्ध और अन्य भू-राजनीतिक तनावों के कारण कई देशों में आधुनिक सैन्य उपकरणों की मांग बढ़ी है। संयुक्त राज्य अमेरिका दुनिया का सबसे बड़ा हथियार निर्यातक बना हुआ है और वह लगभग 99 देशों को हथियार आपूर्ति करता है। यूरोप अमेरिकी हथियारों का सबसे बड़ा आयातक क्षेत्र बनकर उभरा है, जो महाद्वीप में बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को दर्शाता है।

Originally written on March 11, 2026 and last modified on March 11, 2026.

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