SAKSHAM 2026 अभियान की शुरुआत: ऊर्जा संरक्षण में जनभागीदारी को मिला नया मंच

SAKSHAM 2026 अभियान की शुरुआत: ऊर्जा संरक्षण में जनभागीदारी को मिला नया मंच

पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने देश की अमूल्य पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस संसाधनों के संरक्षण में जनभागीदारी की अहम भूमिका को रेखांकित किया। यह संदेश SAKSHAM 2026 के उद्घाटन समारोह में पढ़ा गया, जो राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जा रहा ईंधन संरक्षण अभियान है और इसकी शुरुआत 1 फरवरी को चंडीगढ़ से हुई।

ऊर्जा जागरूकता और सतत विकास पर बल

SAKSHAM 2026 एक पखवाड़े तक चलने वाला अभियान है, जिसे 1 से 15 फरवरी तक देशभर में तेल उद्योग के उपक्रमों द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य जनता में पेट्रोलियम उत्पादों के सजग और विवेकपूर्ण उपयोग के प्रति जागरूकता फैलाना है। गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि जिम्मेदार ऊर्जा उपभोग न केवल आर्थिक विकास, बल्कि पर्यावरणीय स्थिरता के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे अभियान लोगों में व्यवहारिक परिवर्तन लाने की दिशा में प्रभावी हो सकते हैं।

पंजाब और चंडीगढ़ में अभियान की गतिविधियां

SAKSHAM 2026 के अंतर्गत जागरूकता कार्यक्रम पंजाब राज्य और केंद्रशासित चंडीगढ़ क्षेत्र में आयोजित किए जा रहे हैं। उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन तेल कंपनियों के राज्य स्तरीय समन्वयकों द्वारा संयुक्त रूप से किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, अधिकारियों और समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने सक्रिय भागीदारी दिखाई। इससे यह स्पष्ट होता है कि यह अभियान समुदाय आधारित ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा दे रहा है।

आयात निर्भरता कम करने का आह्वान

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि चंडीगढ़ प्रशासन के वित्त सचिव व परिवहन सचिव दीप्रवा लाकरा ने सभा को संबोधित करते हुए नागरिकों और विद्यार्थियों से ईंधन बचत की आदतें अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पेट्रोलियम खपत को कम करना भारत की विदेशी मुद्रा की बचत और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इससे भारत की तेल आयात पर निर्भरता भी कम होगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • SAKSHAM एक राष्ट्रीय ईंधन संरक्षण अभियान है।
  • पेट्रोलियम संरक्षण से विदेशी मुद्रा की बचत और तेल आयात में कमी आती है।
  • तेल सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियाँ (PSUs) ऊर्जा जागरूकता अभियानों में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।
  • ऊर्जा दक्षता आर्थिक विकास और पर्यावरणीय संतुलन दोनों से जुड़ी हुई है।

तेल PSUs की बहु-क्षेत्रीय पहल

इंडियन ऑयल, हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और गेल (GAIL) जैसी तेल कंपनियों के राज्य स्तरीय अधिकारियों ने परिवहन, औद्योगिक, कृषि और घरेलू क्षेत्रों में चलाए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर पेट्रोलियम संरक्षण की शपथ दिलाई गई, एक सड़क नाटक का मंचन किया गया और ईंधन बचत संदेशों से युक्त मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

इस प्रकार SAKSHAM 2026 न केवल ऊर्जा संरक्षण का संदेश फैला रहा है, बल्कि आम नागरिकों को इस अभियान का सक्रिय सहभागी बनाकर स्थायी विकास के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास कर रहा है।

Originally written on February 4, 2026 and last modified on February 4, 2026.

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