RoSCTL योजना का विस्तार: वस्त्र निर्यात को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

RoSCTL योजना का विस्तार: वस्त्र निर्यात को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

केंद्र सरकार के वस्त्र मंत्रालय ने हाल ही में रेडीमेड परिधान, वस्त्र और मेड-अप्स के निर्यात के लिए RoSCTL (Rebate of State and Central Taxes and Levies) योजना को 30 सितंबर 2026 तक बढ़ा दिया है। इस निर्णय का उद्देश्य वैश्विक बाजार में भारतीय वस्त्र उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मकता बनाए रखना है, ताकि निर्यातकों पर छिपे हुए करों और शुल्कों का अतिरिक्त बोझ न पड़े।

RoSCTL योजना का परिचय

RoSCTL योजना 7 मार्च 2019 से लागू है और इसे पहले की RoSL (Rebate of State Levies) योजना के स्थान पर शुरू किया गया था। जहां RoSL केवल राज्य स्तर के करों की भरपाई करता था, वहीं RoSCTL राज्य और केंद्र दोनों स्तर के करों और शुल्कों की प्रतिपूर्ति करता है। इस कारण यह योजना निर्यात प्रोत्साहन के लिए अधिक व्यापक और प्रभावी मानी जाती है।

उद्देश्य और महत्व

इस योजना का मुख्य उद्देश्य उन करों और शुल्कों के प्रभाव को समाप्त करना है, जिनकी वापसी किसी अन्य प्रणाली के तहत नहीं होती। यह ड्यूटी ड्रॉबैक योजना के अतिरिक्त कार्य करती है और भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बनाए रखने में मदद करती है। इससे उत्पादन लागत में कमी आती है और निर्यात को बढ़ावा मिलता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

प्रमुख विशेषताएं

RoSCTL योजना के तहत दी जाने वाली छूट ड्यूटी क्रेडिट ई-स्क्रिप्स के रूप में प्रदान की जाती है, जो कस्टम प्रणाली के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी होती हैं। इन ई-स्क्रिप्स का उपयोग आयात पर बेसिक कस्टम ड्यूटी के भुगतान के लिए किया जा सकता है और ये पूरी तरह से हस्तांतरणीय होती हैं। हालांकि, इनका आंशिक हस्तांतरण संभव नहीं है और इनकी वैधता जारी होने की तिथि से एक वर्ष तक होती है, जो हस्तांतरण के बाद भी अपरिवर्तित रहती है।

पात्रता और कार्यान्वयन

यह योजना भारत में निर्मित परिधान, वस्त्र और मेड-अप्स के सभी निर्यातकों पर लागू होती है, सिवाय उन इकाइयों के जो डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) की Denied Entity List में शामिल हैं। इसका कार्यान्वयन वित्त मंत्रालय के अंतर्गत राजस्व विभाग द्वारा किया जाता है, जिससे लाभों का सुचारु और पारदर्शी वितरण सुनिश्चित होता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • RoSCTL योजना 2019 में शुरू की गई थी।
  • यह RoSL योजना का उन्नत रूप है, जिसमें केंद्र और राज्य दोनों कर शामिल हैं।
  • लाभ ड्यूटी क्रेडिट ई-स्क्रिप्स के रूप में दिया जाता है।
  • इसका कार्यान्वयन वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग द्वारा किया जाता है।

अंततः, RoSCTL योजना का विस्तार भारतीय वस्त्र उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो निर्यात को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में देश की स्थिति को मजबूत करेगा। यह योजना ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों को भी समर्थन प्रदान करती है।

Originally written on April 2, 2026 and last modified on April 2, 2026.

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