PSLV-C62 मिशन विफलता के बावजूद स्पेनिश कैप्सूल ‘KID’ ने भेजा डेटा: अंतरिक्ष अनुसंधान में अनोखा उदाहरण

PSLV-C62 मिशन विफलता के बावजूद स्पेनिश कैप्सूल ‘KID’ ने भेजा डेटा: अंतरिक्ष अनुसंधान में अनोखा उदाहरण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के PSLV-C62 मिशन की विफलता के बावजूद एक विदेशी उपग्रह ने अप्रत्याशित रूप से कुछ समय तक डेटा प्रसारित कर अनोखा उदाहरण पेश किया है। मिशन के दौरान तीसरे चरण में आई तकनीकी गड़बड़ी के चलते अधिकांश उपग्रह सूर्य समकालिक कक्षा में नहीं पहुंच सके। फिर भी स्पेन के एक छोटे उपग्रह KID (Kestrel Initial Demonstrator) ने संक्षिप्त अवधि के लिए पृथ्वी से संपर्क स्थापित कर महत्वपूर्ण आंकड़े भेजे।

PSLV-C62 मिशन: तीसरे चरण में आई गड़बड़ी

ISRO के अनुसार, PSLV-C62 के तीसरे चरण के अंत में असामान्य विकृति आई, जिससे रॉकेट की गति और दिशा प्रभावित हुई। इसके कारण 16 उपग्रहों, जिनमें प्रमुख उपग्रह EOS-N1 (Anvesha) भी शामिल था, को नियत कक्षा में स्थापित नहीं किया जा सका। ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने इसे मिशन अनुक्रम में विघटन करार दिया, जिससे सभी पेलोड के खो जाने की आशंका जताई गई थी।

KID उपग्रह का अप्रत्याशित बचाव

हालांकि, प्रारंभिक आकलन के उलट, स्पेनिश स्टार्टअप Orbital Paradigm द्वारा विकसित 25 किलोग्राम वज़नी KID कैप्सूल ने चौंकाने वाली तकनीकी जीवटता दिखाई। यह कैप्सूल रॉकेट के चौथे चरण से सफलतापूर्वक अलग हो गया और लगभग तीन मिनट तक टेलीमेट्री डेटा प्रसारित किया। इस दौरान 28g तक का अधिकतम मंदन दर्ज हुआ, और थर्मल व आंतरिक तापमान संबंधित महत्वपूर्ण डेटा मिला।

KID मिशन का उद्देश्य और तकनीकी महत्व

KID को एक री-एंट्री डेमोंस्ट्रेटर के रूप में डिजाइन किया गया था, जिसका लक्ष्य नियंत्रित रूप से वायुमंडलीय पुनःप्रवेश और दक्षिणी प्रशांत महासागर में सटीक स्प्लैशडाउन करना था। यह मिशन फ्रांसीसी सहयोगी RIDE के साथ मिलकर विकसित किया गया था और इसका उद्देश्य पुन: प्रयोज्य उपग्रह प्रौद्योगिकियों का परीक्षण करना था, जो भविष्य में सेटेलाइट सर्विसिंग और सुरक्षित डी-ऑर्बिटिंग में उपयोगी होंगी।

हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि कैप्सूल जला या महासागर में उतरा, लेकिन डेटा प्रसारण को एक आंशिक तकनीकी सफलता माना जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • PSLV ISRO का प्रमुख प्रक्षेपण यान है, विशेषकर सूर्य समकालिक और ध्रुवीय कक्षाओं के लिए।
  • सूर्य समकालिक कक्षा में उपग्रह पृथ्वी के एक ही स्थान से हर दिन एक ही स्थानीय समय पर गुजरता है।
  • री-एंट्री डेमोंस्ट्रेटर मिशन वायुमंडलीय पुनःप्रवेश के दौरान ताप सहनशीलता और मंदन का परीक्षण करते हैं।
  • छोटे उपग्रह प्रायः कम लागत में प्रायोगिक अंतरिक्ष तकनीक का परीक्षण करने का मंच प्रदान करते हैं।

भविष्य की अंतरिक्ष परियोजनाओं पर प्रभाव

KID की अप्रत्याशित सफलता से Orbital Paradigm को असाधारण परिस्थितियों में मिले रीयल-टाइम डेटा से बड़ा लाभ होगा। कंपनी अब इस डेटा के आधार पर Kestrel कार्यक्रम को तेज़ी से आगे बढ़ा सकती है। वहीं ISRO के लिए यह घटना एक ओर अंतरिक्ष प्रक्षेपण की जटिलताओं और जोखिमों की याद दिलाती है, तो दूसरी ओर आधुनिक छोटे उपग्रहों की तकनीकी क्षमताओं और लचीलापन भी उजागर करती है।

यह घटना दर्शाती है कि विफलताओं में भी सफलता के बीज छिपे हो सकते हैं, यदि नवाचार और तकनीकी विवेक के साथ कार्य किया जाए।

Originally written on January 14, 2026 and last modified on January 14, 2026.

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