Pax Silica में भारत की संभावित सदस्यता: वैश्विक प्रौद्योगिकी शासन में एक निर्णायक कदम
भारत जल्द ही अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक बहुपक्षीय पहल “Pax Silica” का पूर्ण सदस्य बन सकता है — यह संकेत भारत में अमेरिकी राजदूत द्वारा अपनी हालिया दिल्ली यात्रा के दौरान दिया गया। यह घटनाक्रम भारत और अमेरिका के बीच उन्नत प्रौद्योगिकी, आपूर्ति श्रृंखला लचीलापन और AI आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था में सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
Pax Silica एक बहुपक्षीय पहल है जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका के विदेश विभाग द्वारा शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य एक सुरक्षित, भरोसेमंद और लचीला वैश्विक प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
इस पहल में तकनीकी मूल्य श्रृंखला के प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:
- ऊर्जा सुरक्षा और महत्वपूर्ण खनिज (critical minerals)
- सेमीकंडक्टर निर्माण
- उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल
मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि नई और उभरती तकनीकों का विकास और उपयोग सुरक्षित, विश्वसनीय और आर्थिक रूप से सतत तरीके से हो।
Pax Silica का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य है:
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में “दबावकारी निर्भरता (coercive dependencies)” को कम करना, यानि किसी एक देश पर अत्यधिक निर्भरता को समाप्त करना
- प्रौद्योगिकियों की चोरी, दुरुपयोग या शत्रुतापूर्ण उपयोग से संरक्षण
- विश्वसनीय भागीदारों को AI और अगली पीढ़ी की डिजिटल प्रणालियों से आर्थिक लाभ उठाने की क्षमता देना
यह पहल भरोसेमंद तकनीकी शासन के वैश्विक मानकों को तैयार करने में सहभागी देशों की भूमिका को सुदृढ़ करती है।
Pax Silica के उद्घाटन सम्मेलन में निम्नलिखित प्रमुख तकनीकी केंद्रों ने भाग लिया:
- जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, नीदरलैंड, ब्रिटेन, इज़राइल, यूएई, ऑस्ट्रेलिया
- अतिरिक्त रूप से: ताइवान, यूरोपीय संघ, कनाडा, और OECD समूह
भारत की संभावित सदस्यता उसे उन देशों की श्रेणी में ला देती है जो भविष्य की वैश्विक तकनीकी व्यवस्था, AI विकास और आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा में मानक निर्धारित कर रहे हैं।
- Pax Silica एक अमेरिकी विदेश विभाग की पहल है।
- यह AI, सेमीकंडक्टर, और क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़े आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा पर केंद्रित है।
- “Coercive dependencies” को कम करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।
- भारत की सदस्यता इसके सेमीकंडक्टर और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के लक्ष्यों के अनुरूप है।
भारत की Pax Silica में संभावित भागीदारी निम्नलिखित रणनीतिक उद्देश्यों को आगे बढ़ाएगी:
- घरेलू सेमीकंडक्टर विनिर्माण को सुदृढ़ करना
- महत्वपूर्ण खनिजों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित करना
- विश्वसनीय तकनीकी साझेदार के रूप में अपनी स्थिति को सुदृढ़ करना
- वैश्विक AI मानकों और तकनीकी शासन में सक्रिय भागीदारी
- वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं का विविधीकरण और रणनीतिक साझेदारियों का विस्तार
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बढ़ती भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के बीच भारत की Pax Silica में भागीदारी तकनीकी आत्मनिर्भरता और वैश्विक नेतृत्व की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।