IXPE की मदद से NASA ने किया व्हाइट ड्वार्फ प्रणाली के भीतरी ढांचे का पहली बार विश्लेषण

IXPE की मदद से NASA ने किया व्हाइट ड्वार्फ प्रणाली के भीतरी ढांचे का पहली बार विश्लेषण

NASA ने अंतरिक्ष विज्ञान में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए एक व्हाइट ड्वार्फ प्रणाली की आंतरिक संरचना का अब तक का सबसे सटीक अवलोकन किया है। Imaging X-ray Polarimetry Explorer (IXPE) की मदद से वैज्ञानिकों ने केवल प्रकाश की तीव्रता मापने से आगे बढ़ते हुए पहली बार इस प्रकार की प्रणाली की ज्यामिति और भौतिक प्रक्रियाओं का अध्ययन किया। इस शोध का केंद्र बिंदु था EX Hydrae, जो एक द्वितीयक तारा प्रणाली का हिस्सा है।

EX Hydrae: एक अनोखा व्हाइट ड्वार्फ

EX Hydrae, पृथ्वी से लगभग 200 प्रकाश-वर्ष दूर Hydra तारामंडल में स्थित है। यह एक व्हाइट ड्वार्फ तारा है—एक ऐसा घना अवशेष जो तब बनता है जब सूर्य जैसे तारे का परमाणु ईंधन समाप्त हो जाता है। आकार में पृथ्वी जितना, लेकिन द्रव्यमान में लगभग सूर्य के बराबर, व्हाइट ड्वार्फ तारकीय विकास का अंतिम चरण होते हैं। EX Hydrae एक बाइनरी प्रणाली का हिस्सा है, जहाँ यह पास के साथी तारे से गैस खींचता रहता है, जिससे तीव्र एक्स-रे उत्सर्जन होता है।

इंटरमीडिएट पोलर और चरम स्थितियों का भौतिकी

EX Hydrae एक “इंटरमीडिएट पोलर” श्रेणी में आता है—एक दुर्लभ प्रणाली जिसमें व्हाइट ड्वार्फ का चुंबकीय क्षेत्र इतना मजबूत होता है कि वह गैस डिस्क को बाधित कर सकता है, पर पूरी तरह से खत्म नहीं कर पाता। इस प्रणाली में गैस चुंबकीय क्षेत्र रेखाओं के साथ गिरती है और सतह पर टकराते हुए लाखों डिग्री तापमान तक गर्म हो जाती है, जिससे तीव्र एक्स-रे निकलते हैं।

IXPE से मिली पहली बार अनोखी जानकारी

पारंपरिक दूरबीनों के विपरीत, IXPE एक्स-रे की ध्रुवण (polarisation) को मापता है, जिससे यह पता चलता है कि प्रकाश कैसे परावर्तित या बिखराया गया। 2024 में लगभग एक सप्ताह तक चले अवलोकनों में वैज्ञानिकों ने सुपरहीटेड गैस के स्तंभ की ऊँचाई का अनुमान लगाया, जो व्हाइट ड्वार्फ की सतह से लगभग 2,000 मील तक फैला हुआ पाया गया। इसके अलावा यह भी पाया गया कि कुछ एक्स-रे सतह से परावर्तित होकर अंतरिक्ष में निकलते हैं। यह विश्लेषण पहले के मॉडल्स की तुलना में कहीं अधिक सटीक और कम अनुमान आधारित था।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • व्हाइट ड्वार्फ ऐसे तारे होते हैं जो सूर्य जैसे तारों के ईंधन समाप्त होने के बाद बचते हैं।
  • IXPE एक विशेष टेलीस्कोप है जो एक्स-रे की ध्रुवण (polarisation) मापता है, केवल चमक नहीं।
  • इंटरमीडिएट पोलर प्रणाली में चुंबकीय क्षेत्र मध्यम रूप से शक्तिशाली होता है।
  • EX Hydrae, Hydra तारामंडल में स्थित है।

इस शोध से यह प्रमाणित हुआ है कि एक्स-रे पोलरिमेट्री जैसे नए तकनीकी साधन उन ब्रह्मांडीय संरचनाओं को समझने में मदद कर सकते हैं जो दूर और बहुत छोटे होने के कारण सीधे चित्रित नहीं किए जा सकते। IXPE द्वारा प्राप्त जानकारियाँ हमें चरम गुरुत्वाकर्षण और चुंबकीय प्रभावों के अंतर्गत पदार्थ की प्रकृति को बेहतर ढंग से समझने की दिशा में ले जाती हैं।

Originally written on January 7, 2026 and last modified on January 7, 2026.

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