IIT जोधपुर के स्मार्ट सेंसर: स्वास्थ्य निगरानी में नई क्रांति
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर के शोधकर्ताओं ने स्वास्थ्य निगरानी और रोगों की प्रारंभिक पहचान के लिए उन्नत लचीले सेमीकंडक्टर सेंसर विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। यह कार्य HESTECH (हाइब्रिड इलेक्ट्रॉनिक सेंसर टेक्नोलॉजीज) लैब में किया जा रहा है, जहां ऐसे पहनने योग्य उपकरण तैयार किए जा रहे हैं जो शरीर के विभिन्न संकेतों को वास्तविक समय में माप सकते हैं। यह तकनीक स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अगली पीढ़ी की पहनने योग्य तकनीक
इस शोध का केंद्र ऐसे लचीले और मुलायम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण हैं, जो मानव शरीर पर आसानी से चिपक सकते हैं और लंबे समय तक उपयोग किए जा सकते हैं। ये सेंसर हृदय गति, मांसपेशियों की गतिविधि, शरीर का तापमान और त्वचा पर दबाव जैसे महत्वपूर्ण संकेतों को मापने में सक्षम हैं। इसका मुख्य उद्देश्य अस्पतालों के बाहर भी निरंतर स्वास्थ्य निगरानी को संभव बनाना है, जिससे रोगों का प्रारंभिक चरण में ही पता लगाया जा सके।
ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोकेमिकल ट्रांजिस्टर की भूमिका
इस परियोजना की एक प्रमुख विशेषता ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोकेमिकल ट्रांजिस्टर (OECTs) का उपयोग है। ये ट्रांजिस्टर जैविक प्रणालियों के साथ बेहतर तरीके से कार्य करते हैं और पारंपरिक कठोर उपकरणों की तुलना में अधिक लचीले होते हैं। OECT आधारित सेंसर न केवल विद्युत संकेतों को मापते हैं, बल्कि जैव-रासायनिक संकेतों को भी पहचान सकते हैं। इससे एक ही उपकरण के माध्यम से शरीर की कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं और निदान में उपयोग
यह तकनीक प्रारंभिक रोग पहचान में अत्यंत उपयोगी साबित हो सकती है, क्योंकि यह लार, रक्त और सीरम जैसे जैव द्रवों में मौजूद बायोमार्कर का पता लगा सकती है। इसका उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य शिविरों, दंत चिकित्सा केंद्रों और मोबाइल क्लीनिकों में किया जा सकता है। इसके अलावा, सॉफ्ट ECG पैच, EMG सेंसर और प्रेशर अल्सर पहचानने वाले उपकरण भी विकसित किए जा रहे हैं, जो हृदय और मांसपेशियों के स्वास्थ्य का मूल्यांकन करने में सहायक होंगे।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ऑर्गेनिक इलेक्ट्रोकेमिकल ट्रांजिस्टर (OECTs) जैविक संकेतों की पहचान में उपयोगी होते हैं।
- पहनने योग्य सेंसर निरंतर और गैर-आक्रामक स्वास्थ्य निगरानी संभव बनाते हैं।
- पॉइंट-ऑफ-केयर डायग्नोस्टिक्स का अर्थ है मरीज के पास ही जांच करना।
- लचीले इलेक्ट्रॉनिक्स निवारक स्वास्थ्य तकनीकों में तेजी से उभर रहे हैं।
रक्षा और अन्य क्षेत्रों में संभावनाएं
यह तकनीक केवल स्वास्थ्य क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भी उपयोगी हो सकती है। सैनिकों के लिए बनाए गए पहनने योग्य उपकरण उनके तनाव, थकान, निर्जलीकरण और अत्यधिक तापमान के प्रभावों को माप सकते हैं। इससे कठिन परिस्थितियों में उनकी कार्यक्षमता और सुरक्षा बढ़ाई जा सकती है। यह नवाचार दर्शाता है कि भविष्य में स्वास्थ्य सेवाएं अधिक स्मार्ट, सुलभ और निवारक दृष्टिकोण पर आधारित होंगी।