IIT कानपुर में आयोजित हेल्थ AI हैकथॉन: डिजिटल पब्लिक गुड्स और विश्वसनीय स्वास्थ्य नवाचार की ओर

IIT कानपुर में आयोजित हेल्थ AI हैकथॉन: डिजिटल पब्लिक गुड्स और विश्वसनीय स्वास्थ्य नवाचार की ओर

राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा IIT कानपुर में आयोजित Federated Intelligence Hackathon ने भारत में Health AI के क्षेत्र में नीति, नवाचार और जिम्मेदार तकनीक को एक साझा मंच पर लाकर राष्ट्रीय प्राथमिकताओं को नई दिशा दी है। 19 जनवरी 2026 से शुरू हुआ यह छह दिवसीय कार्यक्रम India AI Impact Summit 2026 की पूर्व-संध्या पर आयोजित किया गया, जिसमें नीति-निर्माताओं, तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और नवोन्मेषकों ने भाग लिया।

जिम्मेदार हेल्थ AI के लिए सहयोग

यह हैकथॉन राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य और डेटा विज्ञान अनुसंधान संस्थान (NIRDHDS) और IIT कानपुर के सहयोग से आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य सार्वजनिक नीति के अनुरूप डिजिटल पब्लिक गुड्स के रूप में Health AI नवाचार को प्रोत्साहन देना था। प्रतिभागियों ने फेडरेटेड इंटेलिजेंस मॉडल पर कार्य किया, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण को सशक्त बनाते हैं, साथ ही डेटा गोपनीयता और नैतिक मानकों का पालन सुनिश्चित करते हैं।

पायलट परियोजनाओं से विश्वसनीय AI प्रणालियों की ओर

NHA के CEO डॉ. सुनील कुमार बर्णवाल ने उद्घाटन भाषण में कहा कि अब भारत को प्रयोगात्मक AI से आगे बढ़कर, जनसंख्या-स्तरीय समाधान अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं के लिए उपयोग की जाने वाली AI प्रणालियों को बेंचमार्क किया गया, प्रामाणिक और जनहित में भरोसेमंद बनाना अनिवार्य है।

फेडरेटेड आर्किटेक्चर और जनसंख्या-स्तरीय परीक्षण

डॉ. बर्णवाल ने बताया कि स्वास्थ्य-केन्द्रित AI प्रणालियों को विविध और बड़े डेटा सेट पर परीक्षण करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि फेडरेटेड, सहमति-आधारित संरचनाएँ ऐसी नवाचार प्रणालियों को संभव बनाती हैं, जो संवेदनशील डेटा को केंद्रीकृत किए बिना बड़े पैमाने पर विश्लेषण और मशीन लर्निंग को सक्षम करती हैं। इससे डेटा गोपनीयता, सार्वजनिक विश्वास और नीति अनुपालन सुनिश्चित होते हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA), आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का क्रियान्वयन निकाय है।
  • फेडरेटेड AI एक ऐसी प्रणाली है जो डेटा को केंद्रीकृत किए बिना मॉडल को प्रशिक्षित करने की अनुमति देती है।
  • डिजिटल पब्लिक गुड्स वे डिजिटल समाधान हैं जो ओपन-सोर्स, इंटरऑपरेबल और पुनः उपयोग योग्य होते हैं।
  • जिम्मेदार AI का तात्पर्य नैतिकता, पारदर्शिता और डेटा गोपनीयता से है।

नीति, नवाचार और भविष्य की दिशा

इस हैकथॉन ने स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को एकसाथ जोड़ने का मंच प्रदान किया। चर्चा के प्रमुख विषयों में डेटा पर सहमति आधारित उपयोग, इंटरऑपरेबिलिटी, और सार्वजनिक डिजिटल अवसंरचना की भूमिका प्रमुख रही। यह आयोजन भारत के विश्वसनीय हेल्थ AI इकोसिस्टम के निर्माण के प्रयासों को मज़बूती देता है, जहाँ डिजिटल पब्लिक गुड्स भविष्य के स्वास्थ्य प्रशासन की आधारशिला बनते जा रहे हैं।

Originally written on January 26, 2026 and last modified on January 26, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *