IAF to Display Operation Sindoor Formation on Republic Day
गणतंत्र दिवस 2026 पर ऑपरेशन सिंदूर की झलक: युद्ध की हकीकत से रूबरू कराएगा परेड
26 जनवरी 2026 को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार भारतीय वायुसेना एक संचालनात्मक युद्ध संरचना (Operational Battle Formation) प्रदर्शित करेगी, जिसका आधार होगा “ऑपरेशन सिंदूर”। यह प्रस्तुति भारत की रक्षा संप्रेषण नीति में एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाती है, जहाँ अब युद्ध की वास्तविकता और संयुक्त अभियान क्षमताओं को आम जनता के समक्ष पेश किया जाएगा।
ऑपरेशन सिंदूर: परेड की केंद्रीय कथा
ऑपरेशन सिंदूर एक त्रि-सेनात्मक सटीक सैन्य अभियान था जिसे मई 2025 में पहलगाम में हुए बड़े आतंकी हमले के बाद शुरू किया गया।
इस अभियान की जनचर्चा और रणनीतिक महत्ता को देखते हुए इसे 2026 की परेड में सैन्य खंड की मुख्य कथा के रूप में चुना गया है।
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह के अनुसार, परेड में युद्ध की पूरी प्रक्रिया का क्रमिक दृश्य प्रस्तुत किया जाएगा —
जासूसी, लॉजिस्टिक्स, लंबी दूरी के हमले और संयुक्त वायु शक्ति के उपयोग तक।
स्थिर प्रदर्शन से लाइव युद्ध-तर्क की ओर
90 मिनट की इस परेड में पारंपरिक स्थिर प्रदर्शन की बजाय इंटरऐक्टिव और व्याख्यात्मक प्रारूप अपनाया गया है।
लाइव कमेंट्री के माध्यम से दर्शकों को यह समझाया जाएगा कि युद्ध के समय तकनीक, मानव संसाधन और हथियार प्रणाली कैसे कार्यान्वित होते हैं।
इससे नागरिकों को आधुनिक युद्ध प्रणाली, विशेषकर थल, वायु और लॉजिस्टिक्स के समन्वय को बेहतर समझने का अवसर मिलेगा।
वायु और थल शक्ति का समन्वित प्रदर्शन
एक प्रमुख आकर्षण होगा:
- भारतीय सेना की चरणबद्ध “Battle Array”
- भारतीय वायुसेना का संचालनात्मक हवाई युद्ध क्रम (Aerial Battle Formation)
वायु प्रदर्शन में भाग लेने वाले प्रमुख विमान:
- राफेल, सुखोई-30, मिग-29 लड़ाकू विमान
- अपाचे और हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर (LCH)
- रणनीतिक विमान: C-130, C-295, और P-8I
इसके अतिरिक्त, लॉजिस्टिक क्षमताओं को दर्शाने हेतु ज़ांस्कर पोनी और बाक्ट्रियन ऊँट जैसी विशेष पशु टुकड़ियाँ भी प्रस्तुत की जाएंगी, जो ऊँचाई और रेगिस्तानी इलाकों में सेना की मदद करते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ।
- 2026 की गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार युद्ध क्रम आधारित प्रस्तुति होगी।
- भारतीय वायुसेना एक संचालनात्मक हवाई युद्ध संरचना प्रदर्शित करेगी।
- लाइव कमेंट्री के ज़रिये संयुक्त सैन्य युद्ध अवधारणाएं समझाई जाएंगी।
व्यापक थीम और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता
इस वर्ष की परेड में “वंदे मातरम्” की 150वीं वर्षगांठ को समर्पित सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और झांकियाँ रहेंगी।
प्रमुख बिंदु:
- 30 झांकियाँ, जिनमें 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से
- 2,500 कलाकारों की भागीदारी से विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम
- यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि होंगे, जो भारत-ईयू शिखर सम्मेलन से भी जुड़ा हुआ है।
गणतंत्र दिवस 2026 अब केवल शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि सैन्य यथार्थ, समन्वय, और रणनीतिक संप्रेषण का जीवंत मंच बन गया है।