‘History That India Ignored’ का नया संस्करण गोवा में जारी: गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को दी गई ऐतिहासिक पहचान

‘History That India Ignored’ का नया संस्करण गोवा में जारी: गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को दी गई ऐतिहासिक पहचान

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने वरिष्ठ पत्रकार और एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI) के चेयरमैन प्रेम प्रकाश द्वारा लिखित पुस्तक ‘History That India Ignored’ के नवीनतम संस्करण का विमोचन किया। उन्होंने इस अवसर को मात्र एक साहित्यिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि राष्ट्रधर्म का एक कर्तव्य बताया, जो भारत की स्वतंत्रता संग्राम की उपेक्षित और गलत रूप से प्रस्तुत की गई कहानियों को उजागर करता है

यह पुस्तक खास तौर पर युवा पीढ़ी को ऐतिहासिक सच से अवगत कराने का माध्यम बन रही है।

स्वतंत्रता संग्राम की उपेक्षित गाथाओं को पुनः स्थापित करना

मुख्यमंत्री सावंत ने कहा कि पुस्तक तथ्यों और प्रमाण आधारित दस्तावेजों पर आधारित है और यह इतिहास के उन पक्षों को उजागर करती है जो अब तक मुख्यधारा के विमर्श से गायब रहे हैं।

इसमें सैकड़ों गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की बलिदान गाथाओं का वर्णन है, जिनकी योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर बहुत कम मान्यता मिली।

सावरकर और INA पर केंद्रित विश्लेषण

पुस्तक के नवीनतम संस्करण में वीर सावरकर के जीवन और संघर्ष को प्रमुखता दी गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सावरकर के स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को दशकों से गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है। पुस्तक सावरकर की गिरफ्तारी, कालापानी की सजा और उनके विचारों को ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करती है।

साथ ही, इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और आजाद हिंद फौज (INA) की भूमिका तथा इम्फाल युद्ध को भी विस्तार से शामिल किया गया है, जिससे ब्रिटिश शासन के विरुद्ध सैन्य संघर्ष की उपेक्षित कहानियों को प्रकाश में लाया गया है।

गोवा मुक्ति आंदोलन को उचित स्थान

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से पुस्तक में शामिल गोवा के पुर्तगाली शासन से मुक्ति आंदोलन को अहम बताया। उन्होंने कहा कि 1961 में सम्पन्न यह आंदोलन भारत की मुख्य स्वतंत्रता प्रक्रिया से बाद में जुड़ा, लेकिन इसमें जन भागीदारी, बलिदान और संघर्ष की कोई कमी नहीं थी।

हज़ारों गोवावासियों ने कारावास झेला, आंदोलन किया और अपने प्राण तक न्यौछावर किए, फिर भी यह आंदोलन राष्ट्रीय विमर्श में अक्सर अनदेखा रहा है। पुस्तक में इस ऐतिहासिक विरासत को उचित मान्यता दी गई है।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रेम प्रकाश स्वयं गोवा में पुर्तगाली प्रशासन के आत्मसमर्पण के प्रत्यक्षदर्शी रहे हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ‘History That India Ignored’ भारत के स्वतंत्रता संग्राम के उपेक्षित पहलुओं पर केंद्रित है।
  • पुस्तक में वीर सावरकर और आजाद हिंद फौज (INA) की भूमिका को प्रमुखता दी गई है।
  • गोवा की मुक्ति 1961 में हुई थी, जो शेष भारत की आजादी के वर्षों बाद हुई।
  • गुमनाम स्वतंत्रता सेनानी – संशोधित इतिहास लेखन की प्रमुख विषयवस्तु बनते जा रहे हैं।

ऐतिहासिक दृष्टिकोण के लिए महत्व

यह पुस्तक उन अनकही कहानियों को सामने लाती है जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम की आत्मा को समझने के लिए आवश्यक हैं। इससे सार्वजनिक चेतना का विस्तार होता है और पाठकों को भारत के राष्ट्रीय इतिहास से अधिक व्यापक रूप में जुड़ने की प्रेरणा मिलती है।

पुस्तक इतिहास को पुनः परिभाषित करने का प्रयास है—जो ‘विकास भी, विरासत भी’ की भावना को सशक्त बनाता है।

Originally written on January 8, 2026 and last modified on January 8, 2026.

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