Google DeepMind का AlphaGenome: डीएनए म्यूटेशन विश्लेषण में एआई की क्रांतिकारी भूमिका

Google DeepMind का AlphaGenome: डीएनए म्यूटेशन विश्लेषण में एआई की क्रांतिकारी भूमिका

Google DeepMind ने 28 जनवरी 2026 को अपने नवीनतम कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित जैविक विश्लेषण उपकरण AlphaGenome का अनावरण किया। यह टूल वैज्ञानिकों को डीएनए म्यूटेशन और उनके जैविक प्रभावों को बेहतर ढंग से समझने में सहायता करेगा। यह शोध प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका Nature में प्रकाशित हुआ है और इसे जीनोमिक विज्ञान व रोग अनुसंधान के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग माना जा रहा है।

AlphaGenome का उद्देश्य और विजन

DeepMind टीम ने सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि AlphaGenome का उद्देश्य वैज्ञानिकों को मानव जीनोम की व्याख्या, जेनेटिक परिवर्तनों के आणविक प्रभावों की भविष्यवाणी और नवीन जैविक खोजों में सहायता प्रदान करना है। यह टूल विशेष रूप से यह समझने पर केंद्रित है कि डीएनए में विविधताएँ जीन नियमन (gene regulation) को कैसे प्रभावित करती हैं—जो कई विरासत में मिलने वाली बीमारियों और कैंसर का प्रमुख कारण होता है।

मॉडल कैसे कार्य करता है

Nature पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, AlphaGenome मौजूदा जीनोमिक टूल्स की एक प्रमुख सीमा को संबोधित करता है। जहां पुराने मॉडल या तो लंबी डीएनए श्रंखलाओं का विश्लेषण करते थे या अत्यंत सूक्ष्म भविष्यवाणियाँ करते थे, वहीं AlphaGenome दोनों कार्यों को एकसाथ कर सकता है।

  • यह 1 मेगाबेस (1 Mb) तक की डीएनए श्रृंखला का विश्लेषण करने में सक्षम है।
  • साथ ही यह एकल डीएनए अक्षर के स्तर तक सटीक भविष्यवाणियाँ कर सकता है।
  • यह मॉडल मानव और चूहों के जीनोम पर प्रशिक्षित किया गया है।
  • 26 में से 25 परीक्षणों में इसने बाहरी उन्नत टूल्स के बराबर या बेहतर प्रदर्शन किया।

जीन नियमन विश्लेषण का महत्त्व

AlphaGenome यह भविष्यवाणी करता है कि किसी म्यूटेशन से:

  • कौन-से जीन सक्रिय होंगे,
  • कौन-से कोशिका प्रकार प्रभावित होंगे,
  • और जीन की अभिव्यक्ति कितनी तीव्र होगी।

हृदय रोग, ऑटोइम्यून विकार, मानसिक स्वास्थ्य समस्याएँ और कई प्रकार के कैंसर मुख्यतः जीन नियामक बदलावों से जुड़े होते हैं, न कि सीधे प्रोटीन-कोडिंग जीन में परिवर्तनों से। ऐसे सूक्ष्म लेकिन प्रभावशाली म्यूटेशनों की पहचान करना आज भी एक बड़ी वैज्ञानिक चुनौती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • AlphaGenome Google DeepMind द्वारा विकसित एआई-आधारित जीनोमिक विश्लेषण टूल है।
  • यह 1 मेगाबेस डीएनए का विश्लेषण एकल अक्षर स्तर की सटीकता के साथ कर सकता है।
  • यह मॉडल मानव और चूहा जीनोम पर प्रशिक्षित है।
  • जीन नियमन से जुड़े म्यूटेशन हृदय रोग, कैंसर, और मानसिक विकारों जैसी आम बीमारियों से जुड़े होते हैं।

विशेषज्ञों की राय और भविष्य की संभावनाएँ

DeepMind की शोधकर्ता नताशा लाटिशेवा के अनुसार, यह टूल जीनोम के भीतर कार्यात्मक तत्वों को समझने की गति को बढ़ा सकता है। Cold Spring Harbor Laboratory के स्वतंत्र विशेषज्ञ पीटर कू ने इसे एक महान इंजीनियरिंग उपलब्धि बताया।

शोधकर्ताओं का मानना है कि AlphaGenome भविष्य में नई जीन थेरेपी डिज़ाइन करने और विशिष्ट ऊतक बीमारियों से संबंधित म्यूटेशन की पहचान में भी मदद कर सकता है—जो जीवविज्ञान में एआई के अनुप्रयोग का एक महत्वपूर्ण चरण है।

यह प्रगति न केवल आनुवंशिक अनुसंधान को नया आयाम देगी, बल्कि चिकित्सा विज्ञान को भी और अधिक निजीकृत और सटीक उपचार की दिशा में ले जाएगी।

Originally written on January 30, 2026 and last modified on January 30, 2026.

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