FY26 में निवेश का केंद्र बना आंध्र प्रदेश: पूर्व और दक्षिण भारत में बढ़ती औद्योगिक गति

FY26 में निवेश का केंद्र बना आंध्र प्रदेश: पूर्व और दक्षिण भारत में बढ़ती औद्योगिक गति

वित्तीय वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों में आंध्र प्रदेश ने भारत में निवेश के क्षेत्र में सबसे आगे रहकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। देश में घोषित कुल प्रस्तावित निवेशों में से 25.3% हिस्सेदारी अकेले आंध्र प्रदेश की रही है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि औद्योगिक गतिविधियों का केंद्र अब पारंपरिक पश्चिम और उत्तर भारत से हटकर पूर्वी और दक्षिणी राज्यों की ओर स्थानांतरित हो रहा है।

बैंक ऑफ बड़ौदा रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष

बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, FY26 की पहली तीन तिमाहियों के दौरान घोषित कुल निवेश ₹26.6 लाख करोड़ तक पहुंच गए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 11.5% अधिक है। इसमें आंध्र प्रदेश 25.3% हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे रहा, इसके बाद ओडिशा (13.1%) और महाराष्ट्र (12.8%) का स्थान रहा। इन तीनों राज्यों ने मिलकर कुल प्रस्तावित निवेशों का 51.2% हिस्सा हासिल किया।

अन्य राज्यों में तेलंगाना (9.5%), गुजरात (7.1%), तमिलनाडु (4.9%), राजस्थान (4.3%) और छत्तीसगढ़ (3.9%) ने भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी दर्ज की। इसके विपरीत, उत्तर प्रदेश (2.7%) और कर्नाटक (2.1%) जैसे बड़े राज्य अपेक्षाकृत कम निवेश आकर्षित कर पाए।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस उपलब्धि का श्रेय राज्य में किए गए नीतिगत सुधारों और “स्पीड ऑफ डूइंग बिजनेस” पर केंद्रित रणनीति को दिया। उन्होंने बताया कि सरकार ने पारदर्शी और समयबद्ध प्रोत्साहन वितरण के लिए एस्क्रो आधारित प्रणाली लागू की है, साथ ही प्रत्येक सेक्टर के लिए विशिष्ट नीतियाँ भी बनाई गई हैं जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।

औद्योगिक निवेश का भौगोलिक पुनर्संतुलन

बैंक ऑफ बड़ौदा की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि भारत के औद्योगिक निवेश परिदृश्य में क्षेत्रीय पुनर्संतुलन हो रहा है। जहां पहले महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक जैसे राज्य निवेश का प्रमुख केंद्र हुआ करते थे, अब आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तेलंगाना जैसे राज्य नई औद्योगिक ऊर्जा का केंद्र बनते दिख रहे हैं। यह बदलाव न केवल नीति-आधारित सुधारों का संकेत है, बल्कि पूर्व और दक्षिण भारत में बुनियादी ढांचे में हो रहे सुधारों और निवेश के लिए अनुकूल माहौल को भी दर्शाता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • FY26 की पहली तीन तिमाहियों में आंध्र प्रदेश ने देश के कुल प्रस्तावित निवेशों में 25.3% हिस्सेदारी दर्ज की।
  • बैंक ऑफ बड़ौदा राज्यवार निवेश प्रवृत्तियों पर नियमित रिपोर्ट प्रकाशित करता है।
  • औद्योगिक निवेश का झुकाव अब पूर्वी और दक्षिणी भारत की ओर बढ़ रहा है।
  • FY26 में कुल निवेश घोषणाओं में साल-दर-साल 11.5% की वृद्धि दर्ज की गई।

दीर्घकालिक विकास की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री नायडू ने इस उपलब्धि को किसी अंत के रूप में नहीं बल्कि भविष्य की स्थायी वृद्धि की नींव बताया। उन्होंने निवेशकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के साथ मजबूत साझेदारी, व्यापक प्रभाव और दीर्घकालिक आर्थिक वृद्धि को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह प्रगति न केवल आंध्र प्रदेश के लिए बल्कि भारत के बदलते औद्योगिक परिदृश्य के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सही नीतियों, पारदर्शिता और निवेशकों के प्रति भरोसेमंद वातावरण के माध्यम से क्षेत्रीय विकास की नई दिशा संभव है।

Originally written on January 3, 2026 and last modified on January 3, 2026.

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