CII दक्षिणी क्षेत्र में नई नेतृत्व टीम: उद्योग और नवाचार को नई दिशा
भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) के दक्षिणी क्षेत्र के लिए 2026-27 के लिए नई नेतृत्व टीम का गठन किया गया है। डैनफॉस इंडिया के अध्यक्ष रविचंद्रन पुरुषोत्तमन को चेयरमैन नियुक्त किया गया है, जबकि साइएंट लिमिटेड के कार्यकारी उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक कृष्णा बोदानापु को डिप्टी चेयरमैन बनाया गया है। यह नेतृत्व ऐसे समय में सामने आया है जब दक्षिण भारत देश के औद्योगिक और तकनीकी विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
क्षेत्रीय उद्योग निकाय में नई जिम्मेदारी
CII का दक्षिणी क्षेत्र उद्योग और सरकार के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। नई नेतृत्व टीम से अपेक्षा की जा रही है कि वह उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा देगी, निवेश आकर्षित करेगी और नीतिगत सुधारों के लिए सक्रिय भूमिका निभाएगी। यह नेतृत्व निर्माण और तकनीकी क्षेत्रों के संतुलित प्रतिनिधित्व को भी दर्शाता है।
रविचंद्रन पुरुषोत्तमन का योगदान
रविचंद्रन पुरुषोत्तमन के पास 30 वर्षों से अधिक का औद्योगिक अनुभव है। उनके नेतृत्व में डैनफॉस इंडिया ने अपने कार्यबल, बुनियादी ढांचे और नवाचार क्षमताओं में उल्लेखनीय विस्तार किया है। उन्होंने विशेष रूप से ऊर्जा दक्षता, सतत विकास और औद्योगिक नवाचार पर ध्यान केंद्रित किया है, जो भारत की दीर्घकालिक विकास रणनीतियों के अनुरूप है।
कृष्णा बोदानापु की भूमिका
कृष्णा बोदानापु ने साइएंट लिमिटेड को इंजीनियरिंग, डिजिटल और विनिर्माण सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत पहचान दिलाई है। उनके नेतृत्व में कंपनी ने निरंतर विकास और परिवर्तन का अनुभव किया है। उनकी विशेषज्ञता से CII दक्षिणी क्षेत्र में तकनीकी नवाचार और डिजिटल परिवर्तन को और बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- CII (Confederation of Indian Industry) भारत का एक प्रमुख गैर-सरकारी उद्योग संगठन है।
- डैनफॉस ऊर्जा दक्षता और औद्योगिक समाधान के क्षेत्र में कार्य करता है।
- साइएंट लिमिटेड इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी सेवाओं में विशेषज्ञता रखती है।
- दक्षिण भारत IT, विनिर्माण और निर्यात उद्योगों का प्रमुख केंद्र है।
2026-27 के लिए प्रमुख प्राथमिकताएं
नई नेतृत्व टीम का लक्ष्य आर्थिक विकास को गति देना, उद्योगों की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाना और सतत विकास को प्रोत्साहित करना है। इसके तहत नवाचार, डिजिटल परिवर्तन, कौशल विकास और उद्योग-सरकार सहयोग को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
अंततः, यह नई नेतृत्व टीम दक्षिण भारत के औद्योगिक परिदृश्य को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी, जिससे देश की आर्थिक प्रगति को भी नई गति मिलेगी।