BRICS 2026: भारत की अध्यक्षता में वैश्विक सहयोग के नए आयाम
भारत ने 2026 में होने वाली BRICS अध्यक्षता की औपचारिक शुरुआत करते हुए उसका आधिकारिक लोगो और वेबसाइट लॉन्च कर दी है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस अवसर पर भारत के दृष्टिकोण और प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए बताया कि कैसे BRICS के 20वें वर्ष में यह मंच वैश्विक कल्याण, सहयोग और स्थिर विकास का प्रतीक बनकर उभरेगा।
BRICS अध्यक्षता: भारत का दृष्टिकोण
एस. जयशंकर ने कहा कि भारत की अध्यक्षता एक ऐसे समय में हो रही है जब BRICS अपने गठन के 20 वर्ष पूर्ण कर रहा है। 2006 से अब तक यह मंच उभरती अर्थव्यवस्थाओं और विकासशील देशों के बीच सहयोग का एक प्रमुख माध्यम बन चुका है। इस दौरान BRICS ने न केवल अपने एजेंडे का विस्तार किया है, बल्कि वैश्विक परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए सदस्यता में भी विविधता लाई है। भारत का जोर एक “पीपल-सेंट्रिक” विकास मॉडल, संवाद और व्यावहारिक सहयोग पर है।
मानवता-प्रथम और समावेशी दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन से प्रेरित भारत की अध्यक्षता की थीम है – “Building for Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability”। इसका उद्देश्य साझा वैश्विक चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटना है। जयशंकर ने कहा कि भारत का दृष्टिकोण मानव-केन्द्रित है, जहां सभी के विकास को प्राथमिकता दी जाती है। यह थीम दर्शाती है कि नवाचार, सहकारिता और सततता ही वैश्विक भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं।
BRICS 2026 का लोगो: एकता में विविधता का प्रतीक
नए लोगो के विषय में विदेश मंत्री ने बताया कि यह डिज़ाइन परंपरा और आधुनिकता का संगम है। इसमें BRICS के सभी सदस्य देशों के रंगों को समाहित किया गया है, जो साझा उद्देश्य, सामूहिक शक्ति और विविधताओं के सम्मान का प्रतीक है। यह लोगो यह भी दर्शाता है कि BRICS अपनी शक्ति सहयोग से प्राप्त करता है, जबकि हर सदस्य की विशिष्ट पहचान को भी सम्मान देता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- BRICS की स्थापना 2006 में हुई थी और यह 2026 में 20 वर्ष पूर्ण कर रहा है।
- भारत 2026 में BRICS अध्यक्षता ग्रहण करेगा।
- BRICS 2026 की थीम “Resilience, Innovation, Cooperation, and Sustainability” पर आधारित है।
- यह मंच विकासशील और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के सहयोग के लिए कार्य करता है।
BRICS इंडिया वेबसाइट की भूमिका
जयशंकर ने बताया कि BRICS इंडिया की नई वेबसाइट भारत की अध्यक्षता के दौरान एक केंद्रीय मंच के रूप में कार्य करेगी। यह विभिन्न बैठकों, पहलों और परिणामों की जानकारी पारदर्शिता के साथ साझा करेगी। इसके माध्यम से सदस्य देशों और भागीदारों के बीच संवाद को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में, जहां भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक अस्थिरता, जलवायु संकट और तकनीकी परिवर्तन प्रमुख चुनौतियाँ हैं, BRICS एक प्रभावी मंच के रूप में कार्य करता रहेगा।
BRICS 2026 भारत के लिए न केवल एक नेतृत्व का अवसर है, बल्कि यह अपने वैश्विक दृष्टिकोण, समावेशी विकास और सहयोग आधारित भविष्य की दिशा में योगदान देने का एक सशक्त माध्यम भी है।