BIMSTEC युवा पेशेवर कार्यक्रम से क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा
भारत ने 9 से 15 मार्च 2026 के बीच महाराष्ट्र में BIMSTEC युवा पेशेवर आदान-प्रदान कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसका उद्देश्य बंगाल की खाड़ी क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग और ज्ञान साझा करना था। यह पहल युवा नवाचारकर्ताओं, उद्यमियों और पेशेवरों को भारत के तेजी से विकसित हो रहे नवाचार, स्टार्टअप और तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र से परिचित कराने के लिए की गई। साथ ही, यह कार्यक्रम क्षेत्रीय स्तर पर सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
BIMSTEC देशों की भागीदारी
इस कार्यक्रम में BIMSTEC के सदस्य देशों से 30 युवा नवाचारकर्ता, तकनीकी विशेषज्ञ, उद्यमी और पेशेवर शामिल हुए। प्रतिभागियों ने विभिन्न कार्यशालाओं, चर्चाओं और संवाद सत्रों में भाग लिया, जहां उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और नए विचारों पर चर्चा की। इस पहल ने एक ऐसा मंच प्रदान किया, जहां विभिन्न देशों के युवा पेशेवर एक-दूसरे से सीख सकें और भविष्य में सहयोग के अवसर तलाश सकें।
भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र का परिचय
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को भारत के तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप और तकनीकी क्षेत्र से परिचित कराया गया। उन्हें यह समझने का अवसर मिला कि भारत किस प्रकार नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता को विकास के साथ जोड़ रहा है। इसके अलावा, स्टार्टअप हब, अनुसंधान संस्थान और ज्ञान केंद्रों की भूमिका को भी उजागर किया गया, जो देश की आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं।
महाराष्ट्र की भूमिका और नेतृत्व से संवाद
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने राज्य की तकनीकी, औद्योगिक और नवाचार क्षमता पर प्रकाश डाला और इसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। महाराष्ट्र के विकसित स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र और मजबूत औद्योगिक आधार को BIMSTEC देशों के साथ साझेदारी के लिए उपयुक्त बताया गया।
क्षेत्रीय सहयोग को मजबूती
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 6वें BIMSTEC शिखर सम्मेलन में घोषित पहल का हिस्सा है। इसका उद्देश्य युवाओं के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना, नवाचार को बढ़ावा देना और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तैयार करना है। इस प्रकार की पहलें न केवल देशों के बीच संबंधों को मजबूत करती हैं, बल्कि आर्थिक और तकनीकी विकास को भी गति देती हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- BIMSTEC का पूर्ण रूप Bay of Bengal Initiative for Multi-Sectoral Technical and Economic Cooperation है।
- यह संगठन दक्षिण एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया के सात देशों को जोड़ता है।
- यह कार्यक्रम 6वें BIMSTEC शिखर सम्मेलन के दौरान घोषित किया गया था।
- इसका उद्देश्य युवाओं के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग और नवाचार को बढ़ावा देना है।
यह कार्यक्रम दर्शाता है कि भारत क्षेत्रीय सहयोग में युवाओं और नवाचार को महत्वपूर्ण स्थान दे रहा है। BIMSTEC युवा पेशेवर आदान-प्रदान कार्यक्रम भविष्य में मजबूत साझेदारी, ज्ञान आदान-प्रदान और सामूहिक विकास की दिशा में एक प्रभावी मंच साबित हो सकता है।