88 देशों ने ‘नई दिल्ली घोषणा’ पर जताई सहमति, एआई के जिम्मेदार उपयोग पर वैश्विक सहमति
भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान नई दिल्ली में ‘एआई इम्पैक्ट पर नई दिल्ली घोषणा’ को 88 देशों ने समर्थन दिया। हस्ताक्षरकर्ताओं में संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम, चीन, ब्राज़ील, ऑस्ट्रेलिया, ऑस्ट्रिया, कनाडा और स्विट्ज़रलैंड जैसी प्रमुख वैश्विक शक्तियां शामिल रहीं। यह घोषणा कृत्रिम बुद्धिमत्ता को आर्थिक विकास, सामाजिक कल्याण और समावेशी प्रगति के साधन के रूप में अपनाने पर व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति का संकेत देती है, साथ ही राष्ट्रीय संप्रभुता के सम्मान पर भी बल देती है।
घोषणा में सुलभ, सुरक्षित और विश्वसनीय ढांचे के माध्यम से एआई को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई है। इसमें बहु-हितधारक सहभागिता और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। भाग लेने वाले देशों ने कठोर बाध्यकारी विनियमों के बजाय स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी तंत्रों का समर्थन किया।
दस्तावेज़ में ‘चार्टर फॉर द डेमोक्रेटिक डिफ्यूजन ऑफ एआई’ का उल्लेख किया गया है, जिसका उद्देश्य एआई संसाधनों तक व्यापक पहुंच सुनिश्चित करना, स्थानीय नवाचार को प्रोत्साहित करना और राष्ट्रीय कानूनी ढांचे के भीतर सुदृढ़ एआई पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करना है।
इस रूपरेखा को सात प्रमुख स्तंभों या ‘चक्रों’ में विभाजित किया गया है। इनमें एआई संसाधनों का लोकतंत्रीकरण; आर्थिक विकास और सामाजिक हित को बढ़ावा; सुरक्षित और विश्वसनीय एआई सुनिश्चित करना; विज्ञान के लिए एआई को प्रोत्साहन; सामाजिक सशक्तिकरण हेतु पहुंच का विस्तार; मानव संसाधन विकास को सुदृढ़ करना; तथा लचीली, कुशल और नवोन्मेषी एआई प्रणालियों का निर्माण शामिल हैं।
ये सभी स्तंभ मिलकर एक संतुलित वैश्विक एआई संरचना का निर्माण करने का लक्ष्य रखते हैं, जो नवाचार और समानता दोनों को बढ़ावा दे।
घोषणा में “वसुधैव कुटुम्बकम” और “सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय” जैसे भारतीय दार्शनिक सिद्धांतों का उल्लेख किया गया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि एआई के लाभों का समान रूप से वितरण आवश्यक है, विशेषकर विकासशील देशों को आधारभूत क्षमताओं तक पहुंच प्रदान करने के संदर्भ में।
यह दृष्टिकोण इस बात पर बल देता है कि एआई का वास्तविक लाभ तभी संभव है, जब इसके अवसर और संसाधन पूरी मानवता तक पहुंचें।
- एआई इम्पैक्ट पर नई दिल्ली घोषणा को 2026 में 88 देशों ने समर्थन दिया।
- घोषणा की रूपरेखा सात स्तंभों या ‘चक्रों’ पर आधारित है।
- ‘चार्टर फॉर द डेमोक्रेटिक डिफ्यूजन ऑफ एआई’ स्वैच्छिक और गैर-बाध्यकारी ढांचा है।
- घोषणा “वसुधैव कुटुम्बकम” के आदर्श से प्रेरित है।
नई दिल्ली घोषणा वैश्विक एआई शासन पर संतुलित दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है। जहां कुछ देश सख्त नियमन की वकालत करते हैं, वहीं अन्य नवाचार पर उसके प्रभाव को लेकर सावधानी बरतते हैं। यह पहल अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से सतत आर्थिक विकास में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।