2030 तक ऊपरी मध्यम आय वर्ग में भारत की एंट्री: आर्थिक विकास की नई उड़ान

2030 तक ऊपरी मध्यम आय वर्ग में भारत की एंट्री: आर्थिक विकास की नई उड़ान

भारत तेज़ी से ऊपरी मध्यम आय वर्ग (Upper Middle Income) की ओर बढ़ रहा है और इस दशक के अंत तक इस वर्ग में शामिल होने की प्रबल संभावना है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक विश्लेषण के अनुसार, 2030 तक भारत की प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI per capita) $4,000 तक पहुंच सकती है, जिससे यह चीन और इंडोनेशिया जैसे देशों की पंक्ति में खड़ा हो जाएगा। यह उपलब्धि विश्व बैंक की आय वर्गीकरण प्रणाली में भारत की स्थिति को एक नए स्तर पर ले जाएगी।

विश्व बैंक की आय वर्गीकरण प्रणाली

विश्व बैंक वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं को प्रति व्यक्ति सकल राष्ट्रीय आय (GNI per capita) के आधार पर चार वर्गों में विभाजित करता है:

  1. निम्न आय
  2. निम्न-मध्यम आय
  3. उच्च-मध्यम आय
  4. उच्च आय

ऊपरी मध्यम आय वर्ग की सीमा वर्तमान में $4,000–$4,500 प्रति व्यक्ति GNI के बीच मानी जाती है। 1990 के बाद से वैश्विक स्तर पर इस श्रेणी में आने वाले देशों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है, जो यह दर्शाता है कि विकासशील क्षेत्रों में दीर्घकालिक आय अभिसरण (income convergence) हो रहा है।

भारत की धीमी लेकिन स्थिर आय यात्रा

भारत की प्रति व्यक्ति आय वृद्धि की गति धीमी रही, लेकिन निरंतर रही है। देश को निम्न आय वर्ग से निम्न-मध्यम आय वर्ग में आने में लगभग छह दशक लगे और यह स्थिति 2007 में प्राप्त हुई। 1960 के दशक में GNI जहां लगभग $90 था, वह 2009 तक $1,000 के करीब पहुंचा। इसके बाद 2019 तक यह $2,000 हुआ और 2026 तक इसके $3,000 तक पहुंचने की संभावना है। यदि मौजूदा विकास दर बनी रही, तो SBI का अनुमान है कि 2030 तक $4,000 का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

आर्थिक आकार का तीव्र विस्तार

पिछले एक दशक में भारत की समग्र आर्थिक क्षमता में तीव्र विस्तार हुआ है। छह दशकों में $1 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने के बाद, भारत ने अगले सात वर्षों में $2 ट्रिलियन और फिर 2025 तक $4 ट्रिलियन का आंकड़ा पार कर लिया। वर्तमान अनुमान दर्शाते हैं कि भारत 2028 तक जर्मनी को पीछे छोड़ते हुए अमेरिका और चीन के बाद दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • विश्व बैंक प्रति व्यक्ति GNI के आधार पर देशों को चार आय वर्गों में वर्गीकृत करता है।
  • उच्च-मध्यम आय वर्ग की सीमा $4,000–$4,500 प्रति व्यक्ति GNI के आसपास है।
  • भारत 2007 में निम्न-मध्यम आय वर्ग में शामिल हुआ था।
  • 2028 तक भारत के तीसरी सबसे बड़ी वैश्विक अर्थव्यवस्था बनने की संभावना है।

निष्कर्ष

भारत की आर्थिक प्रगति न केवल विकास दर में बल्कि वैश्विक रैंकिंग में भी परिलक्षित हो रही है। SBI का आकलन यह दर्शाता है कि भारत अब तेज़ी से आगे बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। यदि यह गति बनी रही, तो 2047 तक भारत उच्च आय वाले देशों की श्रेणी में भी आ सकता है। हालांकि असमानता, उत्पादकता और क्षेत्रीय संतुलन जैसे मुद्दे अभी भी चुनौती हैं, परंतु वर्तमान संकेत भारत की निकट भविष्य में ऊपरी मध्यम आय देश बनने की दिशा में मजबूत प्रगति को स्पष्ट रूप से रेखांकित करते हैं।

Originally written on January 20, 2026 and last modified on January 20, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *