2026 से दुबई में शुरू होगा एयर टैक्सी नेटवर्क
दुबई 2026 तक दुनिया के शुरुआती शहरी एयर टैक्सी नेटवर्क में से एक शुरू करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना के तहत शहर में चार रणनीतिक वर्टीपोर्ट (Vertiport) स्थानों की पहचान की गई है, जहां से इलेक्ट्रिक वर्टिकल टेक-ऑफ एंड लैंडिंग (eVTOL) विमान संचालित किए जाएंगे। यह कदम तेज़, स्वच्छ और अधिक कुशल शहरी परिवहन की दिशा में एक बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है।
2026 के लिए शहरी हवाई परिवहन योजना
यह महत्वाकांक्षी परियोजना दुबई की रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) के नेतृत्व में संचालित हो रही है। हाल ही में किए गए चालक-सहित परीक्षण उड़ानों (crewed test flights) ने इस प्रणाली की वाणिज्यिक संचालन के लिए तैयारी को दर्शाया है। इस पहल का उद्देश्य सड़क जाम को कम करना, यात्रा समय घटाना और दुबई को अगली पीढ़ी के स्मार्ट परिवहन में वैश्विक अग्रणी के रूप में स्थापित करना है।
चार प्रमुख वर्टीपोर्ट स्थान
पहले चरण में चार स्थानों दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (DXB), डाउनटाउन दुबई, दुबई मरीना और पाम जुमेराह पर वर्टीपोर्ट विकसित किए जाएंगे। ये स्थान प्रमुख व्यावसायिक केंद्रों, पर्यटन स्थलों और परिवहन इंटरचेंज को जोड़ेंगे। विशेष रूप से DXB वर्टीपोर्ट एक बहु-स्तरीय संरचना होगी जो मेट्रो नेटवर्क से एकीकृत होगी और प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में यात्रियों को संभालने में सक्षम होगी।
जोबी S4 विमान और यात्रा की दक्षता
इस सेवा में जोबी S4 (Joby S4) नामक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक विमान का उपयोग किया जाएगा, जिसमें एक पायलट और चार यात्रियों के बैठने की सुविधा होगी। ये विमान उच्च गति और लंबी दूरी की उड़ान क्षमता रखते हैं तथा पूरी तरह शून्य-उत्सर्जन (zero-emission) पर संचालित होते हैं। जिन मार्गों में सड़क से यात्रा में 40 मिनट से अधिक समय लगता है, उन्हें हवाई टैक्सी के माध्यम से लगभग 10 मिनट में पूरा किया जा सकेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- दुबई में एयर टैक्सी सेवाएं 2026 में वाणिज्यिक रूप से शुरू होंगी।
- पहले चरण में DXB, डाउनटाउन दुबई, दुबई मरीना और पाम जुमेराह में वर्टीपोर्ट विकसित किए जाएंगे।
- प्रत्येक eVTOL विमान एक पायलट और चार यात्रियों को ले जाएगा।
- DXB से पाम जुमेराह तक की यात्रा लगभग 10–12 मिनट में पूरी होगी।
स्मार्ट परिवहन नेटवर्क से एकीकरण
दुबई के वर्टीपोर्ट इस प्रकार डिज़ाइन किए जा रहे हैं कि वे मेट्रो लाइनों, बस सेवाओं और “लास्ट-माइल” परिवहन प्रणालियों से सहज रूप से जुड़े रहें। यहां चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर, यात्री सुविधाएं और डिजिटल संचालन प्रक्रियाएं स्थापित की जा रही हैं ताकि सेवा निर्बाध रूप से चल सके।