₹126 करोड़ मनी लॉन्ड्रिंग केस में ED की सख्ती, अनील मिठास और UFHL के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 126 करोड़ रुपये के एक बड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी जांच को तेज करते हुए रियल एस्टेट फर्म Unnati Fortune Holdings Limited (UFHL) और उसके प्रमोटरों के खिलाफ पूरक अभियोजन शिकायत दर्ज की है। यह मामला घर खरीदारों के धन के कथित गबन और उसे छुपाने के लिए जटिल वित्तीय लेन-देन की श्रृंखला से जुड़ा हुआ है।
पीएमएलए के तहत पूरक अभियोजन शिकायत
ED की लखनऊ जोनल यूनिट ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 की धाराओं के अंतर्गत विशेष न्यायाधीश, भ्रष्टाचार निरोधक, सीबीआई, गाजियाबाद की अदालत में पूरक अभियोजन शिकायत दाखिल की है। यह शिकायत UFHL, इसके प्रमोटरों और निदेशकों के खिलाफ है, जिनमें मुख्य रूप से अनील मिठास शामिल हैं।
घर खरीदारों की धनराशि के गबन के आरोप
ED के अनुसार यह जांच उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज कई प्राथमिकी के बाद शुरू की गई। जांच में सामने आया कि 2011 से 2019 के बीच अनील मिठास ने UFHL की हाउसिंग परियोजनाओं के लिए खरीदारों और निवेशकों से एकत्रित लगभग ₹126 करोड़ की राशि को दूसरी संस्थाओं में जटिल वित्तीय साधनों के जरिए भेजा। इनमें इक्विटी निवेश, वरीयता शेयर, डिबेंचर, ऋण, अग्रिम और सुरक्षा जमा शामिल थे। यह पूरी प्रक्रिया एक सुनियोजित वित्तीय गबन और धोखाधड़ी को दर्शाती है।
प्रोजेक्ट्स पर प्रभाव और निवेशकों की हानि
ED ने बताया कि इस बड़े पैमाने पर हुए गबन के चलते UFHL की कई रियल एस्टेट परियोजनाएं अधूरी रह गईं या ठप हो गईं। इससे घर खरीदारों, निवेशकों और वित्तीय संस्थाओं को भारी नुकसान हुआ, जबकि प्रमोटरों और निदेशकों ने गलत तरीके से लाभ कमाया। अनील मिठास को 16 अप्रैल 2025 को गिरफ्तार किया गया था और वे अभी न्यायिक हिरासत में हैं। उनके परिसरों पर की गई तलाशी में कई दस्तावेज़ और डिजिटल सबूत जब्त किए गए हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- PMLA, 2002 का उद्देश्य अपराध से अर्जित संपत्ति की जांच और जब्ती करना है।
- ED संदिग्ध अवैध आय को “अस्थायी रूप से संलग्न” कर सकती है।
- पूरक अभियोजन शिकायत में पहले से चल रहे मुकदमे में नए साक्ष्य और जानकारी जोड़ी जाती है।
- PMLA विशेष न्यायालय ED की शिकायतों पर संज्ञान लेकर सुनवाई करता है।
संपत्ति की जब्ती और जारी जांच
प्रवर्तन निदेशालय ने UFHL, उसके प्रमोटरों और संबद्ध संस्थाओं से जुड़ी लगभग ₹126 करोड़ की चल और अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। इससे पहले जून 2025 में दाखिल की गई मुख्य अभियोजन शिकायत पर अगस्त 2025 में अदालत ने संज्ञान लिया था। अब दाखिल यह पूरक शिकायत, अदालत के समक्ष नए साक्ष्यों और विवरणों को प्रस्तुत करती है, जबकि मामले की विस्तृत जांच अब भी जारी है।
यह मामला देश में रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता और घर खरीदारों के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण संकेतक बन गया है।