होरमुज़ जलडमरूमध्य पर अस्थायी बंदी और ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता में नया तनाव

होरमुज़ जलडमरूमध्य पर अस्थायी बंदी और ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता में नया तनाव

ईरान ने जिनेवा में अमेरिका के साथ चल रही अप्रत्यक्ष परमाणु वार्ताओं के बीच होरमुज़ जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से बंद करने की घोषणा कर क्षेत्रीय तनाव को बढ़ा दिया। इसे “लाइव-फायर” सैन्य अभ्यास के दौरान सुरक्षा उपाय बताया गया, लेकिन रणनीतिक दृष्टि से यह एक महत्वपूर्ण संदेश माना गया। होरमुज़ जलडमरूमध्य विश्व के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत गुजरता है।

लाइव-फायर अभ्यास और रणनीतिक संकेत

ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, रिवोल्यूशनरी गार्ड बलों ने जलडमरूमध्य की दिशा में मिसाइलों का परीक्षण किया और सुरक्षा कारणों से कुछ घंटों के लिए इसे बंद घोषित किया। इस संदर्भ में यह पहली बार था जब तेहरान ने सार्वजनिक रूप से इस प्रकार की अस्थायी बंदी की घोषणा की।

सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि किसी भी आक्रामक कार्रवाई का सख्त जवाब दिया जाएगा। विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह संकेत देने के लिए था कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर सकती है।

जिनेवा वार्ता और कूटनीतिक संकेत

सैन्य गतिविधियों के समानांतर जिनेवा में ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधियों के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता का एक और दौर आयोजित हुआ, जिसमें ओमान ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बाद में संतुलित रुख अपनाते हुए टिकाऊ और वार्तापरक समाधान की उम्मीद जताई।

अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने किया। हालांकि दोनों पक्षों ने सीमित प्रगति की बात कही, लेकिन यूरेनियम संवर्धन स्तर और भंडार को लेकर मतभेद बने हुए हैं। ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताता है, जबकि अमेरिका ठोस आश्वासन चाहता है कि तेहरान परमाणु हथियार विकसित नहीं करेगा।

अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और बाजार प्रतिक्रिया

अमेरिका ने क्षेत्र में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड विमानवाहक पोत और उसके साथ विध्वंसक जहाज मध्य पूर्व की ओर बढ़ रहे हैं। तेल बाजारों ने इस घटनाक्रम पर सतर्क प्रतिक्रिया दी। बढ़ते तनाव के बीच कीमतों में उछाल आया, लेकिन वार्ता समाप्त होने के बाद कुछ गिरावट दर्ज की गई, जो कूटनीतिक समाधान की उम्मीद को दर्शाती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

* होरमुज़ जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है।
* वैश्विक पेट्रोलियम व्यापार का लगभग एक-पांचवां हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।
* 90 प्रतिशत शुद्धता तक संवर्धित यूरेनियम को हथियार-ग्रेड माना जाता है।
* ओमान ने अतीत में भी अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।

खाड़ी क्षेत्र के देशों ने चेतावनी दी है कि किसी भी सैन्य टकराव से व्यापक अस्थिरता पैदा हो सकती है। ईरान पहले 60 प्रतिशत तक यूरेनियम संवर्धन कर चुका है, जो हथियार-स्तर के करीब है। वर्तमान वार्ताओं का परिणाम यह तय करेगा कि इस संवेदनशील भू-राजनीतिक क्षेत्र में कूटनीति प्रभावी रहती है या टकराव की दिशा में घटनाक्रम आगे बढ़ता है।

Originally written on February 19, 2026 and last modified on February 19, 2026.

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