हैदराबाद में आयोजित रामोजी एक्सीलेंस अवॉर्ड्स: सृकांत बोला बने यूथ आइकॉन
हैदराबाद में आयोजित रामोजी एक्सीलेंस अवॉर्ड्स समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उद्यमी सृकांत बोला को यूथ आइकॉन अवॉर्ड से नवाजा गया, जिनकी जीवन यात्रा दृढ़ संकल्प, समावेशिता और सतत् विकास के सिद्धांतों पर आधारित नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण मानी जाती है।
रूपांतरकारी नेतृत्व के प्रतीक सृकांत बोला
सृकांत बोला, जो बोलांट इंडस्ट्रीज़ के संस्थापक और चेयरमैन हैं, को समाज में दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने और पर्यावरण-अनुकूल औद्योगिक प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए सम्मानित किया गया। आयोजकों ने उन्हें “राष्ट्र की दृढ़ता और नवाचार का प्रतीक” बताया। उनकी कंपनी ने यह सिद्ध किया है कि समावेशी रोजगार मॉडल न केवल सामाजिक समानता को प्रोत्साहित करते हैं, बल्कि औद्योगिक प्रगति के लिए भी प्रभावी हो सकते हैं।
रामोजी राव की विरासत को समर्पित सम्मान
रामोजी एक्सीलेंस अवॉर्ड्स का प्रारंभ ईनाडु समूह द्वारा अपने संस्थापक चेरुकुरी रामोजी राव की स्मृति में किया गया है। इस वर्ष के समारोह में भारत के उपराष्ट्रपति, तेलंगाना की राज्यपाल तथा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ा दिया। यह पुरस्कार अब भारत के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मानों में से एक के रूप में स्थापित हो चुका है।
विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्टता का सम्मान
सृकांत बोला के साथ कई अन्य प्रतिष्ठित हस्तियों को भी सम्मानित किया गया। प्रसिद्ध शिक्षाविद् सथुपति प्रसन्ना श्री को कला और संस्कृति में उत्कृष्टता पुरस्कार प्रदान किया गया, उनके द्वारा 19 जनजातीय भाषाओं के लिए लिपियाँ विकसित करने और पारंपरिक साहित्य के संरक्षण में योगदान के लिए। इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास, मानवीय सेवा, महिला नेतृत्व, प्रौद्योगिकी और पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में भी उत्कृष्ट योगदानकर्ताओं को सम्मानित किया गया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- रामोजी एक्सीलेंस अवॉर्ड्स संस्कृति, विज्ञान और जनसेवा सहित अनेक क्षेत्रों में योगदानकर्ताओं को सम्मानित करते हैं।
- सृकांत बोला एमआईटी (MIT) के पूर्व छात्र और बोलांट इंडस्ट्रीज़ के प्रमुख।
- सथुपति प्रसन्ना श्री 19 जनजातीय भाषाओं की लिपियों का निर्माण किया।
- यह पुरस्कार मीडिया अग्रणी चेरुकुरी रामोजी राव की स्मृति में स्थापित किए गए।
युवाओं के लिए प्रेरणा का संदेश
यूथ आइकॉन अवॉर्ड यह संदेश देता है कि नवाचार तभी सार्थक है जब वह सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़ा हो। सृकांत बोला जैसे उद्यमियों को सम्मानित कर यह समारोह इस बात पर बल देता है कि समावेशी और संवेदनशील नेतृत्व ही भारत के युवा उद्यमियों के लिए वास्तविक प्रेरणा स्रोत है।