हरियाणा में लिंगानुपात में ऐतिहासिक सुधार: 2025 में SRB पहुँचा 923

हरियाणा में लिंगानुपात में ऐतिहासिक सुधार: 2025 में SRB पहुँचा 923

हरियाणा, जो कभी देश में सबसे खराब लिंगानुपात वाले राज्यों में गिना जाता था, अब लिंग समानता की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। वर्ष 2025 में राज्य का लिंगानुपात जन्म के समय (Sex Ratio at Birth – SRB) बढ़कर 923 हो गया है, जो पिछले पाँच वर्षों में सर्वोच्च है। यह सुधार 2024 के आंकड़े (910) की तुलना में 13 अंकों की वृद्धि दर्शाता है और यह सरकार की सतत निगरानी और सख्त प्रवर्तन कार्रवाइयों का परिणाम है।

नवीनतम SRB आंकड़े और जन्म दर

आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, हरियाणा में 2025 के दौरान कुल 5,19,691 जन्म दर्ज किए गए, जिनमें 2,70,281 पुरुष और 2,49,410 महिला जन्म शामिल हैं। यह आँकड़ा 2020 से 2024 के बीच के किसी भी वर्ष से बेहतर है और राज्य में जन्म के समय लिंग संतुलन की दिशा में सकारात्मक संकेत देता है।

जिलावार प्रदर्शन

  • पंचकूला जिला 2025 में हरियाणा का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला जिला रहा, जहाँ SRB 971 दर्ज किया गया, जो 2024 के 915 से उल्लेखनीय रूप से अधिक है।
  • फतेहाबाद (961) और पानीपत (951) जैसे जिले भी 950 से ऊपर SRB वाले जिलों में शामिल हैं।
  • अन्य जिलों जैसे अंबाला, भिवानी, हिसार, करनाल, कुरुक्षेत्र, मेवात, सिरसा और यमुनानगर ने राज्य औसत से बेहतर प्रदर्शन किया।
  • गुरुग्राम का प्रदर्शन मामूली सुधार (901) तक सीमित रहा, जबकि सोनीपत में गिरावट दर्ज की गई और SRB घटकर 894 रह गया।

लिंग चयन पर सख्त कार्रवाई

राज्य सरकार ने SRB सुधार का मुख्य श्रेय पूर्व-गर्भ और प्रसव पूर्व निदान तकनीक (PC-PNDT) अधिनियम के सख्त प्रवर्तन को दिया है।
2025 में:

  • कुल 154 छापे मारे गए,
  • 41 कैमिस्ट दुकानों को सील किया गया,
  • 395 गर्भपात केंद्र बंद किए गए,
  • 114 प्राथमिकी दर्ज की गईं, जिनमें से 83 में आरोपपत्र दाखिल किए गए।

इन कठोर कार्रवाइयों का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या और गैरकानूनी गर्भपात को रोकना था, जिससे लिंगानुपात में सुधार को बल मिला।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • SRB (Sex Ratio at Birth) का अर्थ है: प्रति 1,000 पुरुष जन्मों पर महिला जन्मों की संख्या।
  • PC-PNDT अधिनियम गर्भाधान से पहले या बाद में लिंग चयन की प्रक्रिया को रोकने हेतु लागू है।
  • हरियाणा में 2025 में SRB 923 दर्ज किया गया — पिछले 5 वर्षों का सर्वोच्च।
  • पंचकूला जिला SRB में 971 के साथ शीर्ष पर रहा।

नीति और प्रशासनिक प्रभाव

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि 2014 में हरियाणा का SRB 871 था, जो देश में सबसे निम्न स्तर पर था।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में पानीपत से शुरू किए गए ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान’ के अंतर्गत राज्य सरकार ने व्यापक निगरानी और प्रवर्तन प्रणाली लागू की। 2025 में स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत एक विशेष कार्यबल का गठन हुआ जिसने साप्ताहिक समीक्षा की और यह निरंतर पर्यवेक्षण राज्य के लिंगानुपात सुधार में निर्णायक साबित हुआ।

हरियाणा का यह प्रदर्शन केवल संख्यात्मक उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक मानसिकता में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक अधिक समान और समावेशी समाज का निर्माण करेगा।

Originally written on January 3, 2026 and last modified on January 3, 2026.

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