हंटिंग्टन रोग: अनुवांशिक तंत्रिका विकार के उपचार की दिशा में आशाजनक प्रगति
हंटिंग्टन रोग (Huntington’s Disease – HD) एक प्रगतिशील और अनुवांशिक तंत्रिका संबंधी विकार है, जिसे अब तक लाइलाज माना जाता रहा है। यह रोग गतिशीलता, संज्ञानात्मक क्षमता और भावनात्मक नियंत्रण को प्रभावित करता है और सामान्यतः 30 से 50 वर्ष की आयु के बीच निदान किया जाता है। रोग के निदान के बाद व्यक्ति औसतन 15 से 20 वर्ष जीवित रहता है। यह रोग भले ही अल्जाइमर की तुलना में दुर्लभ है, परंतु इसका सामाजिक प्रभाव अत्यधिक होता है क्योंकि यह व्यक्ति के कामकाजी और पारिवारिक जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों को प्रभावित करता है।
आनुवांशिक कारण और रोग की प्रगति
HD का कारण हंटिंग्टिन (HTT) नामक जीन में CAG डीएनए अनुक्रमों की असामान्य वृद्धि है, जिसे 1993 में पहचाना गया था। सामान्यतः लोगों में यह दोहराव 35 से कम होता है, जबकि 39 से अधिक दोहराव निश्चित रूप से रोग का कारण बनता है। लंबे रिपीट्स (Repeats) से रोग के लक्षण जल्दी शुरू होते हैं।
इसके अलावा, शरीर की कुछ कोशिकाओं में जीवन भर यह दोहराव और अधिक बढ़ सकता है, जिसे सोमैटिक एक्सपैंशन कहा जाता है। यह प्रक्रिया यह निर्धारित करती है कि रोग कितनी तेजी से प्रगति करेगा।
लक्षणों से पहले मस्तिष्क में प्रारंभिक परिवर्तन
शोध से पता चला है कि मोटर लक्षणों के प्रकट होने से दशकों पहले ही मस्तिष्क में परिवर्तन शुरू हो जाते हैं। सबसे पहले स्ट्रायटम (Striatum) नामक मस्तिष्क क्षेत्र में क्षति होती है, जो मोटर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण होता है। जैसे-जैसे रोग बढ़ता है, यह क्षति कॉर्टेक्स और श्वेत पदार्थ (White Matter) तक फैलती है, जिससे संज्ञानात्मक और भावनात्मक कार्य प्रभावित होते हैं। ध्यान, मनोदशा और संज्ञानात्मक लचीलापन में सूक्ष्म गिरावट निदान से कई साल पहले देखी गई है।
जीन थेरेपी में प्रगति: उपचार की नई दिशा
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं द्वारा विकसित AMT-130 नामक जीन थेरेपी में आशाजनक परिणाम सामने आए हैं। यह थेरेपी मस्तिष्क में विषाक्त म्यूटेंट हंटिंग्टिन प्रोटीन के उत्पादन को कम करती है। एक छोटे क्लीनिकल परीक्षण में देखा गया कि इलाज पाने वाले मरीजों में संज्ञानात्मक गिरावट धीमी हुई और न्यूरोडीजनरेशन का संकेतक न्यूरोफिलामेंट लाइट का स्तर कम पाया गया। यह संकेत देता है कि यह थेरेपी केवल लक्षणों को नहीं, बल्कि मस्तिष्क कोशिकाओं की रक्षा कर सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- हंटिंग्टन रोग HTT जीन में CAG रिपीट्स के विस्तार से होता है।
- 39 से अधिक रिपीट्स इस रोग के विकसित होने का निश्चित संकेत हैं।
- Striatum मस्तिष्क का वह भाग है जो रोग में सबसे पहले प्रभावित होता है।
- Somatic Expansion रोग की शुरुआत और प्रगति को प्रभावित करता है।
प्रारंभिक पहचान और भविष्य की उपचार खिड़की
उन व्यक्तियों पर दीर्घकालिक अध्ययन जो HD जीन परिवर्तन को लेकर जी रहे हैं, यह दर्शाते हैं कि मोटर लक्षणों के बहुत पहले ही संज्ञानात्मक गिरावट और न्यूरोडिजेनेरेशन के संकेत सामने आने लगते हैं। इससे यह संभावना बनती है कि यदि रोग-संशोधित उपचार समय पर दिया जाए, तो रोग की गति को धीमा किया जा सकता है, मस्तिष्क की कार्यक्षमता बनाए रखी जा सकती है और जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सकता है।
हंटिंग्टन रोग के उपचार में यह परिवर्तन निदान के दृष्टिकोण को ही नहीं, बल्कि भविष्य की चिकित्सीय रणनीतियों को भी एक नई दिशा दे रहा है।