स्पर्म व्हेल का अनोखा व्यवहार: पहली बार दर्ज हुआ ‘हेडबटिंग’
वैज्ञानिकों ने पहली बार स्पर्म व्हेल को एक-दूसरे को सिर से टकराते हुए (हेडबटिंग) देखा और रिकॉर्ड किया है, जिससे 19वीं सदी के व्हेलिंग अभियानों में वर्णित घटनाओं की पुष्टि हुई है। स्कॉटलैंड के सेंट एंड्रयूज विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 2020 से 2022 के बीच अज़ोरेस और बैलेरिक द्वीपों में ड्रोन तकनीक की मदद से यह अध्ययन किया। यह शोध “मरीन मैमल साइंस” जर्नल में प्रकाशित हुआ है और व्हेल के सामाजिक व्यवहार को समझने में नई दिशा देता है।
ड्रोन तकनीक से सामने आया नया व्यवहार
इस अध्ययन में ड्रोन का उपयोग कर समुद्र की सतह के पास व्हेल की गतिविधियों को रिकॉर्ड किया गया। यह तकनीक पारंपरिक नाव-आधारित अवलोकन की तुलना में अधिक सटीक और बिना हस्तक्षेप के डेटा प्रदान करती है। ड्रोन फुटेज में न केवल हेडबटिंग के दृश्य कैद हुए, बल्कि समूह के भीतर आपसी संबंध और व्यवहार की भी स्पष्ट जानकारी मिली। यह तकनीक समुद्री जीवविज्ञान में तेजी से महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
किसने किया हेडबटिंग?
पहले यह माना जाता था कि इस प्रकार का व्यवहार बड़े वयस्क नर व्हेल के बीच प्रतिस्पर्धा का हिस्सा हो सकता है। लेकिन इस अध्ययन में पाया गया कि यह व्यवहार मुख्य रूप से कम उम्र (सब-एडल्ट) व्हेल में देखा गया। इससे यह संकेत मिलता है कि यह केवल लड़ाई नहीं, बल्कि सामाजिक विकास या समूह के भीतर आपसी संवाद का हिस्सा भी हो सकता है।
विकासवादी महत्व पर बहस
वैज्ञानिक अभी भी इस व्यवहार के वास्तविक उद्देश्य को लेकर निश्चित नहीं हैं। कुछ का मानना है कि यह नर व्हेल के बीच शक्ति प्रदर्शन से विकसित हुआ हो सकता है, जबकि अन्य विशेषज्ञ इसे जोखिमपूर्ण मानते हैं क्योंकि सिर का उपयोग अधिक करने से इकोलोकेशन जैसी महत्वपूर्ण क्षमताओं को नुकसान पहुंच सकता है। इस विषय पर और शोध की आवश्यकता बनी हुई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्पर्म व्हेल दुनिया की सबसे बड़ी दांत वाली व्हेल होती हैं।
- ये इकोलोकेशन तकनीक का उपयोग शिकार और दिशा निर्धारण के लिए करती हैं।
- अज़ोरेस (अटलांटिक महासागर) और बैलेरिक द्वीप (भूमध्य सागर) जैव विविधता के महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं।
- ड्रोन तकनीक का उपयोग वन्यजीव अध्ययन में बिना हस्तक्षेप के अवलोकन के लिए किया जाता है।
ऐतिहासिक घटनाओं की पुष्टि
स्पर्म व्हेल द्वारा सिर से टकराने की घटनाएं 19वीं सदी के व्हेलिंग अभियानों में दर्ज की गई थीं। 1820 में व्हेलशिप “एसेक्स” के डूबने की घटना, जिसने हरमन मेलविल के प्रसिद्ध उपन्यास “मोबी डिक” को प्रेरित किया, इसका प्रमुख उदाहरण है। इसी तरह “ऐन अलेक्जेंडर” और “कैथलीन” जैसे जहाजों के साथ भी ऐसी घटनाएं जुड़ी रही हैं।
यह नया शोध इन ऐतिहासिक कथाओं को वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है और दर्शाता है कि यह व्यवहार वास्तव में प्राकृतिक है, जिसे अब आधुनिक तकनीक की मदद से बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।