स्कॉटलैंड ने ‘वॉटर क्रिमेशन’ को दी कानूनी मान्यता
स्कॉटलैंड यूनाइटेड किंगडम का पहला देश बन गया है जिसने वॉटर क्रिमेशन यानी क्षारीय हाइड्रोलिसिस को कानूनी मान्यता दे दी है। यह निर्णय अंतिम संस्कार से जुड़े कानूनों में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। स्कॉटलैंड में 1902 में पहली बार पारंपरिक दाह संस्कार की शुरुआत हुई थी और उसके बाद यह सबसे महत्वपूर्ण सुधार है। स्कॉटिश संसद ने पर्यावरण के अनुकूल अंतिम संस्कार विकल्पों की बढ़ती मांग को देखते हुए इस नए नियम को मंजूरी दी है। वॉटर क्रिमेशन को पारंपरिक दफन या अग्नि आधारित दाह संस्कार की तुलना में अधिक पर्यावरण अनुकूल विकल्प माना जा रहा है। यह कदम समाज में बढ़ती पर्यावरण जागरूकता और टिकाऊ प्रथाओं को अपनाने की प्रवृत्ति को भी दर्शाता है।
क्षारीय हाइड्रोलिसिस कैसे काम करता है
क्षारीय हाइड्रोलिसिस की प्रक्रिया में मृत शरीर को एक विशेष बंद कक्ष में रखा जाता है, जिसमें पानी और पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड नामक क्षारीय घोल भरा होता है। इसके बाद इस कक्ष को लगभग 150 डिग्री सेल्सियस तापमान तक गर्म किया जाता है और यह प्रक्रिया लगभग 90 मिनट तक चलती है। गर्मी, पानी और रासायनिक घोल मिलकर शरीर के प्राकृतिक विघटन की प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर देते हैं।
इस प्रक्रिया में शरीर के कोमल ऊतक घुल जाते हैं और केवल हड्डियाँ बचती हैं। बाद में इन हड्डियों को उच्च तापमान पर धोकर सुखाया जाता है और क्रिमुलेटर नामक मशीन में प्रोसेस कर राख में बदल दिया जाता है, जो पारंपरिक दाह संस्कार से प्राप्त राख के समान होती है। प्रक्रिया के दौरान बचने वाले तरल पदार्थ को पर्यावरणीय नियमों के अनुसार सुरक्षित तरीके से निपटाया जाता है।
पर्यावरण के लिए लाभ
वॉटर क्रिमेशन को पर्यावरण के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित विकल्प माना जा रहा है। पारंपरिक अग्नि दाह संस्कार की तुलना में इसमें ऊर्जा की खपत कम होती है और सीधे कार्बन डाइऑक्साइड या दांतों की भराई में मौजूद पारे जैसे प्रदूषक तत्व वातावरण में नहीं निकलते।
इसके अलावा पारंपरिक दफन प्रक्रिया में भूमि का उपयोग अधिक होता है और मिट्टी के प्रदूषण की संभावना भी बनी रहती है। स्कॉटलैंड की सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्री जेनी मिंटो के अनुसार यह निर्णय लोगों की बढ़ती मांग के अनुरूप लिया गया है। वर्ष 2023 में आयोजित सार्वजनिक परामर्श में लगभग 84 प्रतिशत लोगों ने हाइड्रोलिसिस को वैध विकल्प के रूप में स्वीकार करने का समर्थन किया था।
वैश्विक स्तर पर उपयोग
हालांकि यह तकनीक स्कॉटलैंड में नई है, लेकिन दुनिया के कई देशों में पहले से उपयोग में है। संयुक्त राज्य अमेरिका के 28 राज्यों में इसे कानूनी मान्यता मिल चुकी है। इसके अलावा कनाडा, आयरलैंड, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे देशों में भी यह तकनीक उपलब्ध है।
यूनाइटेड किंगडम में इस तकनीक की आपूर्ति विशेष कंपनियों द्वारा की जाती है, जो इसे पारंपरिक तरीकों का विकल्प मानती हैं, न कि उनका पूर्ण प्रतिस्थापन। इससे लोगों को अपनी पसंद और पर्यावरणीय दृष्टिकोण के अनुसार अंतिम संस्कार की विधि चुनने का अवसर मिलता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- क्षारीय हाइड्रोलिसिस को वॉटर क्रिमेशन या एक्वामेशन के नाम से भी जाना जाता है।
- स्कॉटलैंड यूनाइटेड किंगडम का पहला देश है जिसने इस प्रक्रिया को कानूनी मान्यता दी है।
- स्कॉटलैंड में पारंपरिक दाह संस्कार की शुरुआत वर्ष 1902 में हुई थी।
- इस प्रक्रिया में पोटैशियम हाइड्रॉक्साइड और उच्च तापमान का उपयोग कर प्राकृतिक विघटन को तेज किया जाता है।
स्कॉटलैंड में वॉटर क्रिमेशन को कानूनी मान्यता मिलना अंतिम संस्कार की पारंपरिक पद्धतियों में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लिए गए इस फैसले से उम्मीद है कि यूनाइटेड किंगडम के अन्य क्षेत्रों—जैसे इंग्लैंड, वेल्स और उत्तरी आयरलैंड—में भी भविष्य में इसी प्रकार के कानूनी और सामाजिक विमर्श शुरू हो सकते हैं।