स्काईडो को आरबीआई से मिला PA‑CB लाइसेंस: भारतीय फिनटेक के लिए बड़ी regulatory उपलब्धि

स्काईडो को आरबीआई से मिला PA‑CB लाइसेंस: भारतीय फिनटेक के लिए बड़ी regulatory उपलब्धि

भारतीय फिनटेक उद्योग को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर तब प्राप्त हुआ जब बेंगलुरु स्थित प्लेटफॉर्म स्काईडो (Skydo) को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से Payment Aggregator–Cross Border (PA‑CB) के रूप में अंतिम अनुमोदन प्राप्त हुआ। इस मंजूरी के बाद, स्काईडो अब भारतीय निर्यातकों — विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) — को नियंत्रित और सरल अंतरराष्ट्रीय भुगतान संग्रह सेवाएं प्रदान कर सकेगा।

RBI का लाइसेंस और उसका महत्व

PA‑CB लाइसेंस प्राप्त करने वाली स्काईडो भारत की गिनी‑चुनी पहली फिनटेक कंपनियों में शामिल हो गई है। यह लाइसेंस RBI के Payment and Settlement Systems Act, 2007 के अंतर्गत प्रदान किया गया है और भारत के डिजिटल भुगतान ढांचे के तहत क्रॉस‑बॉर्डर भुगतान एकत्रीकरण को औपचारिक रूप से नियमित करता है।

इससे एक ओर नियामकीय पारदर्शिता और निगरानी को बल मिलता है, वहीं दूसरी ओर यह भारतीय निर्यातकों और उनके अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों के बीच विश्वास और सुरक्षा को भी बढ़ाता है। RBI की यह पहल भारत में डिजिटल भुगतान के अंतरराष्ट्रीय आयामों को मजबूती प्रदान करती है।

MSMEs और फ्रीलांसरों के लिए सेवाएँ

स्काईडो वर्तमान में भारत के 50 से अधिक शहरों में फैले 30,000 से अधिक MSMEs, फ्रीलांसरों और स्टार्टअप्स को सेवा प्रदान करता है। इसके जरिए ग्राहक 32 से अधिक विदेशी मुद्राओं में भुगतान प्राप्त कर सकते हैं।

स्काईडो का मूल्य निर्धारण मॉडल भी MSMEs के लिए बेहद अनुकूल है — इसमें

  • कोई मुद्रा विनिमय शुल्क नहीं लिया जाता (no markup on FX),
  • फ्लैट फीस आधारित भुगतान होता है,
  • और तेज भुगतान निपटान (settlement) चक्र उपलब्ध हैं।
    इसके अतिरिक्त, यह बैंकिंग भागीदारों के साथ एकीकरण द्वारा तत्काल अनुपालन दस्तावेज़ प्रदान करता है, जिससे व्यापारियों को विदेशी व्यापार से संबंधित नियामकीय आवश्यकता आसानी से पूरी करने में मदद मिलती है।

उत्पाद विस्तार और वैश्विक विस्तार योजनाएं

PA‑CB लाइसेंस मिलने के बाद स्काईडो ने अपने उत्पाद पोर्टफोलियो को और विस्तारित करने और नए वैश्विक व्यापार गलियारों में प्रवेश की योजना बनाई है। कंपनी पहले ही अफ्रीका जैसे जटिल क्षेत्रों में स्थानीय भुगतान स्वीकृति शुरू कर चुकी है।

इसकी अन्य सेवाओं में शामिल हैं:

  • इनवॉइस जनरेशन,
  • भुगतान अनुस्मारक (payment reminders),
  • वित्तीय विश्लेषण (analytics),
  • खाता-बही सुविधा (ledgering),
  • और ERP व अकाउंटिंग सिस्टम्स के साथ एकीकरण।

ये सभी उपकरण MSMEs के लिए कैश फ्लो को ट्रैक और प्रबंधित करने में बेहद उपयोगी साबित हो रहे हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • PA‑CB का अर्थ है Payment Aggregator–Cross Border, जो विदेशी भुगतान संग्रह में विशेषज्ञता वाली सेवा है।
  • आरबीआई Payment and Settlement Systems Act, 2007 के तहत भुगतान प्रणालियों को नियंत्रित करता है।
  • MSMEs भारत की विदेश व्यापार नीति का एक मुख्य स्तंभ हैं और GDP का बड़ा हिस्सा इन्हीं से आता है।
  • क्रॉस-बॉर्डर भुगतान में FEMA (Foreign Exchange Management Act) के तहत अनुपालन आवश्यक होता है।

फंडिंग और भविष्य की योजनाएं

स्काईडो ने हाल ही में $10 मिलियन की Series A फंडिंग जुटाई है, जिसका नेतृत्व Susquehanna Asia Venture Capital ने किया, और Elevation Capital ने भी भागीदारी की। अब तक कंपनी को कुल $20 मिलियन की फंडिंग मिल चुकी है।

कंपनी ने 2027 तक $5 बिलियन का वार्षिक भुगतान वॉल्यूम हासिल करने का लक्ष्य रखा है, जो यह दर्शाता है कि भारत में डिजिटल और अनुपालन‑समर्थित निर्यात भुगतान समाधानों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

स्काईडो की यह उपलब्धि न केवल भारतीय फिनटेक क्षेत्र को वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाएगी, बल्कि MSMEs को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अधिक आत्मनिर्भर और समर्थ बनने में सहायता करेगी।

Originally written on January 9, 2026 and last modified on January 9, 2026.

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