सोनाली एस. जीत अय्यंगर को मिला एटल शास्त्र लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2025

सोनाली एस. जीत अय्यंगर को मिला एटल शास्त्र लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2025

प्रसिद्ध ललित कलाकार, म्यूज़ियोलॉजिस्ट और कला संरक्षण विशेषज्ञ सोनाली एस. जीत अय्यंगर को मुंबई में आयोजित एक समारोह में प्रतिष्ठित एटल शास्त्र मार्केनॉमी एंड इनवेना लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2025 से सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके बहुआयामी योगदान ललित कला, मूर्तिकला और कला पुनर्स्थापन के क्षेत्र में उनकी असाधारण उपलब्धियों को मान्यता देता है।

एटल शास्त्र अवॉर्ड्स में मिली राष्ट्रीय पहचान

यह पुरस्कार उन्हें भारतीय वाणिज्य मंडल (Indian Merchants Chamber), मुंबई में आयोजित समारोह के दौरान प्रदान किया गया। एटल शास्त्र अवॉर्ड्स का यह 10वां संस्करण सतत अर्थव्यवस्था, ऊर्जा और सहयोगी क्षेत्रों में उत्कृष्टता का उत्सव मनाता है। सोनाली अय्यंगर को इस अवसर पर उन क्षेत्रों में अपनी कलात्मक भागीदारी के लिए विशेष रूप से सराहा गया जहाँ कला और तकनीक का संगम दिखाई देता है।

ऊर्जा और बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में कलात्मक योगदान

अय्यंगर ने अपने करियर के दौरान ऊर्जा, परमाणु विज्ञान और बंदरगाह विकास जैसे प्रमुख क्षेत्रों से जुड़ी संस्थाओं के साथ मिलकर कई परियोजनाएँ पूरी की हैं। उनके कलाकृतियाँ कई राष्ट्रीय संस्थानों की शोभा बढ़ा रही हैं। विशेष रूप से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT) पर स्थापित उनकी मूर्तियाँ केंद्रीय रेलवे और विरासत संगठनों द्वारा सराही गई हैं, जिन्हें सांस्कृतिक संरक्षण की दिशा में एक उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।

राष्ट्रीय प्रदर्शनियाँ और कलात्मक उपलब्धियाँ

सोनाली अय्यंगर की कलात्मक यात्रा में अनेक सफल प्रदर्शनियाँ शामिल हैं, जिनमें उन्होंने अपनी विविध कला दृष्टि को प्रस्तुत किया है। वर्ष 2025 की शुरुआत में उन्हें “आर्टिस्ट ऑफ द ईयर” की उपाधि भी दी गई थी। इस समारोह में ऊर्जा और अवसंरचना क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया, जिससे यह कार्यक्रम कला और औद्योगिक सहयोग के बीच सेतु का प्रतीक बन गया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सोनाली एस. जीत अय्यंगर को 10वां एटल शास्त्र मार्केनॉमी एंड इनवेना लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड 2025 मिला।
  • यह समारोह मुंबई के इंडियन मर्चेंट्स चेंबर में आयोजित हुआ।
  • उन्होंने ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा और पोर्ट प्राधिकरणों से जुड़े क्षेत्रों में कलात्मक कार्य किया है।
  • उनके द्वारा बनाई गई मूर्तियाँ CSMT पर प्रदर्शित हैं, जिन्हें केंद्रीय रेलवे ने विरासत मान्यता दी है।

भारत की कला और विरासत जगत में सशक्त उपस्थिति

ललित कला, मूर्तिकला, म्यूज़ियोलॉजी और संरक्षण के क्षेत्र में सोनाली अय्यंगर ने अपने कार्य से भारतीय कला जगत में एक सशक्त पहचान बनाई है। सार्वजनिक स्थलों पर उनकी कला और विरासत पुनर्स्थापन की पहलें न केवल सौंदर्यशास्त्र को बढ़ावा देती हैं, बल्कि सांस्कृतिक जागरूकता और संवेदनशीलता को भी प्रोत्साहित करती हैं। उनकी उपलब्धियाँ आधुनिक भारत में कला और विरासत के संगम का सशक्त उदाहरण हैं।

Originally written on November 18, 2025 and last modified on November 18, 2025.

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