सोनपुर में 2030 तक बनेगा बिहार का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा
बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सारण जिले के सोनपुर में नए अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के निर्माण को मंजूरी दे दी है। प्रस्तावित हवाई अड्डा 4,200 मीटर लंबे रनवे के साथ विकसित किया जाएगा, जो एयरबस ए380 जैसे वाइड-बॉडी विमानों के संचालन में सक्षम होगा। यह परियोजना वर्ष 2030 तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है और इससे उत्तर बिहार की हवाई संपर्क व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार की उम्मीद है।
आधारभूत संरचना और तकनीकी विशेषताएं
सोनपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा हाजीपुर और दुमरिया के बीच लगभग 4,228 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। भूमि क्षेत्रफल के आधार पर यह बिहार का सबसे बड़ा और देश के प्रमुख हवाई अड्डों में से एक होगा। 4.2 किलोमीटर लंबा रनवे बड़े विमानों की सुरक्षित लैंडिंग और टेक-ऑफ सुनिश्चित करेगा।
इस हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्री और कार्गो दोनों प्रकार के संचालन के लिए डिजाइन किया जा रहा है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा पहले ही साइट क्लियरेंस प्रदान की जा चुकी है और केंद्र सरकार से सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल चुकी है। इस परियोजना का उल्लेख केंद्रीय बजट में भी किया गया, जो इसकी राष्ट्रीय महत्व को दर्शाता है। राज्य सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करते हुए 1,302 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक विकास को बढ़ावा
सोनपुर हवाई अड्डे को सारण और आसपास के जिलों के लिए परिवर्तनकारी परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। इससे उत्तर बिहार में व्यापार, पर्यटन और निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा। वर्तमान में बिहार में पटना स्थित जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रमुख केंद्र है, जबकि गया, दरभंगा और पूर्णिया में भी हवाई सेवाएं संचालित हैं। भागलपुर जिले के सुल्तानगंज में एक और बड़े हवाई अड्डे का विकास कार्य प्रगति पर है। साथ ही दरभंगा हवाई अड्डे को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नत करने की योजना भी बनाई जा रही है।
नई परियोजना से मौजूदा हवाई अड्डों पर दबाव कम होगा और उत्तर बिहार को एक महत्वपूर्ण विमानन केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।
अन्य कैबिनेट निर्णय और बाढ़ सुरक्षा
उसी बैठक में राज्य कैबिनेट ने विभिन्न विभागों से संबंधित 35 प्रस्तावों को मंजूरी दी। भागलपुर जिले में इस्माइलपुर और बिंदटोली के बीच तटबंध पर एंटी-एरोशन कार्य के लिए 70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। पिछले वर्ष बाढ़ के दौरान लगभग 80 मीटर हिस्से में तटबंध टूट गया था, जिससे व्यापक जलभराव हुआ था। स्वीकृत राशि का उद्देश्य बाढ़ नियंत्रण और तटबंध सुदृढ़ीकरण उपायों को मजबूत करना है।
बिहार जैसे नदी प्रधान राज्य में तटबंध और बाढ़-रोधी संरचनाएं आपदा प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
* 4,200 मीटर लंबा रनवे वाइड-बॉडी विमानों जैसे एयरबस ए380 के संचालन में सक्षम होता है।
* हवाई अड्डों के लिए साइट क्लियरेंस केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय द्वारा प्रदान की जाती है।
* अवसंरचना परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण 2013 के भूमि अधिग्रहण अधिनियम के तहत संचालित होता है।
* बिहार जैसे नदी-प्रधान राज्यों में तटबंध बाढ़ नियंत्रण की प्रमुख संरचनात्मक व्यवस्था होते हैं।
सोनपुर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा उत्तर बिहार की आर्थिक और सामाजिक संरचना को नई दिशा देने की क्षमता रखता है। बेहतर हवाई संपर्क, आधुनिक अवसंरचना और निवेश के अवसरों के साथ यह परियोजना आने वाले वर्षों में क्षेत्र को राष्ट्रीय और वैश्विक मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिला सकती है।