सेशेल्स को भारत से 175 मिलियन डॉलर की विशेष आर्थिक सहायता
भारत और सेशेल्स के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मीनी के साथ वार्ता के बाद 175 मिलियन डॉलर के विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा की। यह कदम हिंद महासागर क्षेत्र में भारत के समुद्री सहयोग को गहराई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत है।
विकास-केंद्रित सहयोग की प्राथमिकता
बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और सेशेल्स के संबंधों की नींव विकास सहयोग पर आधारित है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत की सहायता सदैव सेशेल्स की प्राथमिकताओं और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर प्रदान की जाती रही है। नए आर्थिक पैकेज के अंतर्गत सामाजिक आवास, ई-मोबिलिटी, व्यावसायिक प्रशिक्षण, स्वास्थ्य सेवाएं, रक्षा सहयोग और समुद्री सुरक्षा जैसे विविध क्षेत्रों में परियोजनाओं को वित्तपोषण मिलेगा।
राष्ट्रपति हर्मीनी की भारत यात्रा का स्वरूप
सेशेल्स के राष्ट्रपति तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर भारत आए हुए हैं। नई दिल्ली पहुंचने से पहले उन्होंने चेन्नई और मुंबई में कई महत्त्वपूर्ण बैठकें कीं। इन शहरों में उनके कार्यक्रमों में शासन प्रणाली, उद्योग, तटीय प्रबंधन और स्वास्थ्य क्षेत्र शामिल रहे। यह परिदृश्य भारत-सेशेल्स साझेदारी की व्यापकता को दर्शाता है।
‘विजन महासागर’ के तहत समुद्री रणनीति
राष्ट्रपति हर्मीनी की यह यात्रा भारत की नई समुद्री रणनीति ‘विजन महासागर’ के सन्दर्भ में भी विशेष महत्व रखती है। यह रणनीति 2015 में घोषित ‘विजन सागर’ का विस्तृत संस्करण है, जिसका उद्देश्य वैश्विक दक्षिण, आर्थिक समृद्धि, टिकाऊ विकास और क्षेत्रीय सुरक्षा को बढ़ावा देना है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी राष्ट्रपति हर्मीनी से भेंट कर सेशेल्स को भारत का एक प्रमुख समुद्री सहयोगी बताया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सेशेल्स पश्चिमी हिंद महासागर में स्थित एक रणनीतिक द्वीप राष्ट्र है।
- भारत ने 2015 में ‘विजन सागर’ की घोषणा की थी ताकि हिंद महासागर क्षेत्र में समुद्री सहयोग को बल मिल सके।
- ‘विजन महासागर’ इस रणनीति का विस्तार है, जिसमें वैश्विक दक्षिण और सतत विकास पर बल है।
- भारत ने सेशेल्स को कई अवसरों पर रक्षा और समुद्री सुरक्षा में सहयोग प्रदान किया है।
विविध क्षेत्रों में सहयोग की दिशा
चेन्नई में राष्ट्रपति हर्मीनी और उनके स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल अवसंरचना, डिजिटल स्वास्थ्य और चिकित्सा पहुंच जैसे विषयों पर दीर्घकालिक सहयोग की चर्चा की। वहीं मुंबई में केंद्रीय पोत परिवहन मंत्री सर्बानंद सोनोवाल और उद्योगपतियों से मुलाकात कर समुद्री व्यापार, ब्लू इकॉनमी और सतत विकास पर विचार-विमर्श किया गया। इन बैठकों ने भारत-सेशेल्स संबंधों की रणनीतिक और आर्थिक गहराई को और अधिक सुदृढ़ किया।
भारत और सेशेल्स के बीच यह सहयोग न केवल सामरिक दृष्टिकोण से महत्त्वपूर्ण है, बल्कि यह वैश्विक दक्षिण के साथ भारत की साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में भी एक ठोस कदम है। यह पहल दोनों देशों के बीच विश्वास, साझेदारी और समृद्धि की नई राह खोल सकती है।