सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल: ईरान की लंबी दूरी की रणनीतिक शक्ति
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान द्वारा अपनी उन्नत सेज्जिल बैलिस्टिक मिसाइल के उपयोग की खबरों ने क्षेत्रीय सुरक्षा पर नई बहस छेड़ दी है। बताया जा रहा है कि ईरान ने “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत इज़राइल के सैन्य और प्रशासनिक ठिकानों को निशाना बनाते हुए इस मिसाइल का उपयोग किया। यह पहली बार माना जा रहा है कि इस उन्नत मिसाइल को वास्तविक संघर्ष की स्थिति में तैनात किया गया है। सेज्जिल मिसाइल को ईरान की सबसे आधुनिक और शक्तिशाली लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों में गिना जाता है।
सेज्जिल मिसाइल क्या है
सेज्जिल मिसाइल, जिसे अशूरा या आशूरा के नाम से भी जाना जाता है, ईरान द्वारा विकसित सतह से सतह पर मार करने वाली दो-चरणीय बैलिस्टिक मिसाइल है। इसका विकास पूरी तरह ईरान में किया गया है और इसे पुराने शाहाब-श्रेणी की मिसाइलों के स्थान पर लाने के उद्देश्य से बनाया गया था। इस मिसाइल में ठोस ईंधन का उपयोग किया जाता है, जिससे इसे कम समय में लॉन्च के लिए तैयार किया जा सकता है। इसका विकास 1990 के दशक के अंत में ईरान की एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ऑर्गेनाइजेशन के तहत शुरू हुआ था, जो देश के रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करती है।
रेंज और तकनीकी विशेषताएँ
सेज्जिल मिसाइल की अनुमानित मारक क्षमता लगभग 2,000 किलोमीटर है, जिससे यह मध्य पूर्व के बड़े हिस्से तक लक्ष्य साधने में सक्षम है। इसकी लंबाई लगभग 18 मीटर और व्यास लगभग 1.25 मीटर बताया जाता है। मिसाइल का कुल प्रक्षेपण भार लगभग 23,600 किलोग्राम होता है। यह लगभग 700 किलोग्राम वजनी वारहेड ले जाने में सक्षम है, जिसमें पारंपरिक विस्फोटक या संभावित रूप से परमाणु पेलोड भी शामिल हो सकता है। ईरानी सूत्रों के अनुसार यदि इसे मध्य ईरान से दागा जाए तो यह लगभग सात मिनट में तेल अवीव तक पहुँच सकती है।
“डांसिंग मिसाइल” क्यों कहा जाता है
सेज्जिल मिसाइल को अक्सर “डांसिंग मिसाइल” भी कहा जाता है। इसका कारण इसकी उड़ान के दौरान मार्ग बदलने की क्षमता है। यह मिसाइल उड़ान के विभिन्न चरणों में अपनी दिशा में परिवर्तन कर सकती है, जिससे पारंपरिक वायु रक्षा प्रणालियों के लिए इसे रोकना अधिक कठिन हो जाता है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार इसके उन्नत संस्करणों में एंटी-रडार कोटिंग भी हो सकती है, जो दुश्मन के रडार द्वारा इसकी पहचान को कम कर देती है।
विकास और संभावित संस्करण
ईरान ने सेज्जिल मिसाइल का पहला सफल परीक्षण वर्ष 2008 में किया था, जिसमें मिसाइल ने लगभग 800 किलोमीटर की दूरी तय की थी। बाद में इसके उन्नत संस्करण सेज्जिल-2 के परीक्षण की भी जानकारी सामने आई। कुछ रिपोर्टों में भविष्य के सेज्जिल-3 संस्करण के विकास की संभावना भी जताई गई है, जो तीन-चरणीय डिजाइन के साथ लगभग 4,000 किलोमीटर तक की मारक क्षमता रख सकता है। हालांकि हालिया हमलों में सेज्जिल के किस संस्करण का उपयोग किया गया, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सेज्जिल ईरान द्वारा विकसित दो-चरणीय ठोस ईंधन वाली सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है।
- इसकी अनुमानित मारक क्षमता लगभग 2,000 किलोमीटर मानी जाती है।
- यह लगभग 700 किलोग्राम तक का वारहेड ले जाने में सक्षम है।
- उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता के कारण इसे “डांसिंग मिसाइल” भी कहा जाता है।
सेज्जिल मिसाइल का उपयोग क्षेत्रीय सुरक्षा पर दूरगामी प्रभाव डाल सकता है। इसकी लंबी दूरी, तेज प्रक्षेपण क्षमता और उन्नत तकनीक इसे ईरान की सामरिक सैन्य शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाती है। वर्तमान संघर्ष के संदर्भ में इसका इस्तेमाल पश्चिम एशिया की भू-राजनीतिक स्थिति को और जटिल बना सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता बढ़ी है।