सूक्ष्म उद्यमों की पहचान और वित्तीय पहुंच हेतु डाक विभाग और सिडबी में समझौता

सूक्ष्म उद्यमों की पहचान और वित्तीय पहुंच हेतु डाक विभाग और सिडबी में समझौता

भारत में असंगठित सूक्ष्म उद्यमों को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने और उन्हें संस्थागत वित्त तक पहुंच दिलाने के उद्देश्य से संचार मंत्रालय के अंतर्गत डाक विभाग और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। यह पहल Udyam Assist Platform पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों की कॉण्टेक्ट पॉइंट वेरिफिकेशन (CPV) को मजबूती देने की दिशा में एक ठोस कदम है।

संस्थागत सहयोग की संरचना

यह समझौता नई दिल्ली स्थित डाक भवन में हस्ताक्षरित हुआ, जिसके तहत डाक विभाग और सिडबी के बीच एक संगठित सहयोगात्मक ढांचा स्थापित किया गया है। दोनों संस्थाएं मिलकर पंजीकरण सत्यापन, डेटा प्रमाणीकरण और क्रेडिट सुविधा से संबंधित गतिविधियों को लागू करेंगी, जिससे देशभर के असंगठित सूक्ष्म उद्यमों को औपचारिक प्रणाली में लाने में सहायता मिलेगी।

अंतिम छोर तक पहुँच: भारत डाक विभाग की भूमिका

भारत डाक के पास 1.64 लाख से अधिक डाकघरों का नेटवर्क और एक प्रशिक्षित फील्ड वर्कफोर्स है। वित्तीय समावेशन, डिजिटल सेवा वितरण और स्थानीय स्तर पर सेवाएँ पहुँचाने के क्षेत्र में इसका अनुभव अत्यंत मूल्यवान है। इस समझौते के तहत डाक विभाग Udyam Assist Platform पर पंजीकृत उद्यमों की स्थल पर जाकर भौतिक सत्यापन करेगा।

सिडबी और उद्यम असिस्ट प्लेटफॉर्म की भूमिका

सिडबी, भारत में MSME क्षेत्र के वित्तपोषण और विकास की प्रमुख वित्तीय संस्था है। यह Udyam Assist Platform को विकसित करने और उसका संचालन करने के लिए नामित है। यह प्लेटफॉर्म असंगठित सूक्ष्म उद्यमों को:

  • औपचारिक पहचान
  • सत्यापित डेटा प्रणाली
  • संस्थागत वित्त की पहुंच

प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है। इसके लिए सिडबी एक सुदृढ़ CPV प्रणाली विकसित कर रहा है, ताकि उद्यमों की जानकारी की सटीकता और विश्वसनीयता सुनिश्चित हो सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सिडबी (SIDBI) भारत में MSME विकास की प्रमुख वित्तीय संस्था है।
  • Udyam Assist Platform असंगठित सूक्ष्म उद्यमों को औपचारिक बनाने पर केंद्रित है।
  • भारत डाक विश्व का सबसे बड़ा डाक नेटवर्क संचालित करता है।
  • कॉण्टेक्ट पॉइंट वेरिफिकेशन (CPV) डेटा सटीकता और ऋण उपलब्धता को सुनिश्चित करता है।

क्रियान्वयन और समझौते की अवधि

इस समझौते के तहत:

  • डाक विभाग भौगोलिक टैगिंग आधारित प्रमाण सहित उद्यमों के डेमोग्राफिक, व्यापारिक और भौगोलिक विवरणों का सत्यापन करेगा।
  • यह कार्य SIDBI द्वारा विकसित विशेष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से किया जाएगा, जिससे रियल-टाइम डेटा कैप्चर और सुरक्षित रिपोर्ट सबमिशन संभव हो सकेगा।
  • सिडबी सिस्टम एक्सेस, बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर, संचालन दिशानिर्देश और प्रशिक्षण उपलब्ध कराएगा।

यह समझौता 31 दिसंबर 2025 से 30 दिसंबर 2027 तक दो वर्षों के लिए वैध रहेगा, जिसमें विस्तार, डेटा गोपनीयता, सूचना सुरक्षा, GST अनुपालन और भुगतान संरचना की विस्तृत शर्तें निर्धारित की गई हैं।

यह साझेदारी भारत में सूक्ष्म उद्यमों को सशक्त बनाने, औपचारिकता सुनिश्चित करने और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने की दिशा में एक दृढ़ और दूरदर्शी पहल है।

Originally written on January 1, 2026 and last modified on January 1, 2026.

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