सुगम डिजिटल गुजरात पहल: 20 सरकारी सेवाएं हुईं पूरी तरह ऑनलाइन
गुजरात सरकार ने प्रशासनिक सुधारों के तहत 20 प्रमुख सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप में परिवर्तित किया है, जिससे नागरिकों को तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक सेवाएं मिल सकें। यह कदम गुजरात प्रशासनिक सुधार समिति (GARC) की सिफारिशों के आधार पर उठाया गया है और इसका उद्देश्य सरकार और नागरिकों के बीच सहज संवाद स्थापित करना है।
सुगम डिजिटल गुजरात पहल का उद्देश्य
यह सेवाएं ‘सुगम डिजिटल गुजरात पहल’ के तहत शुरू की गई हैं, जिसका संचालन विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस पहल का लक्ष्य “फेसलेस, पेपरलेस और कैशलेस” सेवाएं प्रदान करना है, जो डिजिटल इंडिया के व्यापक दृष्टिकोण के अनुरूप है। इससे प्रक्रियाओं को सरल बनाने, पारदर्शिता बढ़ाने और सरकारी दफ्तरों में भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।
डिजिटाइज्ड सेवाओं का दायरा
पहले चरण में पांच प्रमुख विभागों—सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, राजस्व, विधि, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति और जनजातीय विकास—की सेवाओं को ऑनलाइन किया गया है। इनमें जाति, आय, नॉन-क्रीमी लेयर और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) प्रमाणपत्र शामिल हैं। इसके अलावा, राशन कार्ड से जुड़ी सेवाएं जैसे नाम जोड़ना या हटाना, सुधार करना और डुप्लिकेट कार्ड जारी करना भी अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं। राजस्व विभाग के दस्तावेज और विधि विभाग के तैयार शपथ पत्र भी इस प्रणाली में शामिल किए गए हैं।
तकनीकी एकीकरण और विशेषताएं
डिजिटल गुजरात प्लेटफॉर्म में आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया है, जैसे आधार आधारित प्रमाणीकरण, API आधारित सत्यापन, डिजीलॉकर से लिंक, ई-साइन सुविधा और UPI के माध्यम से भुगतान। जारी किए गए प्रमाणपत्रों में QR कोड शामिल होता है, जिससे उनकी सत्यता आसानी से जांची जा सकती है। कुछ सेवाएं व्हाट्सएप के माध्यम से भी उपलब्ध हैं, जिससे नागरिकों को और अधिक सुविधा मिलती है। साथ ही, पहले से दी गई जानकारी का पुनः उपयोग किया जा सकता है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सरल हो जाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- डिजिटल गवर्नेंस का उद्देश्य फेसलेस, पेपरलेस और कैशलेस सेवाएं प्रदान करना है।
- डिजीलॉकर सरकारी दस्तावेजों के सुरक्षित डिजिटल भंडारण के लिए उपयोग किया जाता है।
- UPI भारत में रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्रणाली है।
- आधार का उपयोग ई-गवर्नेंस सेवाओं में पहचान सत्यापन के लिए किया जाता है।
प्रभाव और भविष्य की योजनाएं
डिजिटल गुजरात प्लेटफॉर्म पर हर वर्ष लगभग 1.20 करोड़ आवेदन प्राप्त होते हैं, जिनमें से लगभग 87 लाख आवेदन इन 20 सेवाओं से संबंधित हैं। इस पहल से सेवाओं के निपटान में समय की बचत होगी, रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी और रिकॉर्ड की सटीकता बढ़ेगी। भविष्य में सरकार इन सेवाओं का विस्तार करने के साथ-साथ गुजराती भाषा आधारित एआई मॉडल विकसित करने की योजना बना रही है, जिससे सेवा वितरण और अधिक प्रभावी हो सके।
इस प्रकार, यह पहल डिजिटल प्रशासन को मजबूत करते हुए नागरिकों को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।