सीबीआईसी ने शुरू की आयात शुल्क के स्थगित भुगतान की नई सुविधा

सीबीआईसी ने शुरू की आयात शुल्क के स्थगित भुगतान की नई सुविधा

केंद्रीय वित्त मंत्री द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026–27 की घोषणा के अनुरूप केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने भरोसेमंद विनिर्माताओं के लिए एक नई सुविधा शुरू की है। इस पहल के तहत ‘एलिजिबल मैन्युफैक्चरर इम्पोर्टर्स (ईएमआई)’ नामक आयातकों की नई श्रेणी को आयात शुल्क के स्थगित भुगतान की अनुमति दी गई है। इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश 28 फरवरी 2026 को जारी सर्कुलर संख्या 08/2026-कस्टम्स के माध्यम से जारी किए गए हैं। इस कदम का उद्देश्य विनिर्माण क्षेत्र को प्रोत्साहित करना और व्यापार को सुगम बनाना है।

आयात शुल्क के स्थगित भुगतान की व्यवस्था

नई व्यवस्था के तहत पात्र विनिर्माता आयातित वस्तुओं को कस्टम ड्यूटी का तत्काल भुगतान किए बिना क्लीयर करा सकेंगे। इसके बजाय आयात शुल्क का भुगतान बाद में मासिक आधार पर किया जा सकेगा। यह भुगतान ‘डिफर्ड पेमेंट ऑफ इम्पोर्ट ड्यूटी रूल्स, 2016’ के अनुसार किया जाएगा।

इस व्यवस्था से उन उद्योगों को विशेष लाभ मिलेगा जो उत्पादन के लिए आयातित कच्चे माल या घटकों पर निर्भर हैं। इससे उनकी नकदी प्रवाह संबंधी समस्याएं कम होंगी और कार्यशील पूंजी प्रबंधन बेहतर होगा। यह सुविधा 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी और 31 मार्च 2028 तक प्रभावी रहेगी। इसे विनिर्माण प्रतिस्पर्धा को बढ़ाने के लिए एक समयबद्ध सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

पात्रता और अनुपालन मानदंड

स्थगित भुगतान की सुविधा केवल उन विनिर्माताओं को दी जाएगी जो सीमा शुल्क और जीएसटी अनुपालन, वित्तीय स्थिरता, निर्धारित टर्नओवर सीमा और बेहतर पिछला रिकॉर्ड जैसी शर्तों को पूरा करते हों। मौजूदा ऑथराइज्ड इकोनॉमिक ऑपरेटर टियर-1 (एईओ-टी1) श्रेणी की इकाइयां, जिनमें सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) भी शामिल हैं, इस योजना के लिए पात्र होंगी, बशर्ते वे निर्धारित शर्तों का पालन करें।

इस योजना के लिए आवेदन 1 मार्च 2026 से एईओ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन किए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य अनुपालन करने वाले अधिक से अधिक विनिर्माताओं को सुविधा देना है, जबकि राजस्व हितों की सुरक्षा के लिए कड़े पात्रता मानदंड भी बनाए रखे गए हैं।

भरोसे पर आधारित सुविधा और एईओ प्रणाली

ईएमआई ढांचा एक भरोसे पर आधारित अनुपालन प्रणाली के रूप में तैयार किया गया है। योजना की अवधि के दौरान अनुमोदित ईएमआई इकाइयों से अपेक्षा की जाएगी कि वे धीरे-धीरे एईओ-टी2 या एईओ-टी3 स्तर तक उन्नयन करें।

उच्च स्तर के एईओ दर्जे से कंपनियों को सीमा शुल्क प्रक्रियाओं में अतिरिक्त सुविधाएं मिलती हैं, जैसे तेज क्लीयरेंस और प्राथमिकता के आधार पर प्रक्रियात्मक सहायता। इससे व्यापारिक प्रक्रियाएं अधिक सरल और पारदर्शी बनती हैं।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • आयात शुल्क के स्थगित भुगतान से जुड़े नियम ‘डिफर्ड पेमेंट ऑफ इम्पोर्ट ड्यूटी रूल्स, 2016’ के तहत अधिसूचित किए गए थे।
  • ऑथराइज्ड इकोनॉमिक ऑपरेटर (AEO) कार्यक्रम भरोसेमंद व्यापारियों को व्यापार सुविधा प्रदान करने के लिए बनाया गया है।
  • केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्य करता है।
  • ईएमआई योजना 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2028 तक लागू रहेगी।

यह नई व्यवस्था कारोबार को सुगम बनाने और उद्योगों पर शुरुआती कर बोझ को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अनुपालन को प्रोत्साहन देने और पारदर्शी प्रक्रियाओं के माध्यम से सीबीआईसी का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को मजबूत करना तथा निर्यात आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देना है।

Originally written on March 4, 2026 and last modified on March 4, 2026.

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