सीएसआईआर इंटीग्रेटेड स्किल इनिशिएटिव: विज्ञान से कौशल तक का पुल
सीएसआईआर (काउंसिल ऑफ़ साइंटिफ़िक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) की इंटीग्रेटेड स्किल इनिशिएटिव भारत में कौशल विकास को विज्ञान और उद्योग की मांगों के साथ जोड़ने वाला एक राष्ट्रीय स्तर का प्रमुख कार्यक्रम है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और स्किल इंडिया के व्यापक लक्ष्य के अनुरूप है तथा देश के कौशल वाले कार्यबल को मजबूत बनाने, शोध, प्रौद्योगिकी और रोजगार के बीच दूरी को कम करने की दिशा में एक ठोस प्रयास है।
केंद्रीय विज्ञान संस्थान के समृद्ध शोध बुनियादी ढांचे और देशभर में फैले प्रयोगशाला नेटवर्क का लाभ उठाते हुए यह पहल न सिर्फ तकनीकी दक्षता बढ़ाने का कार्य कर रही है बल्कि युवाओं और पेशेवरों में वास्तविक दुनिया की औद्योगिक तथा सामाजिक आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित करने पर जोर देती है। इसके माध्यम से न केवल रोजगार-सक्षम प्रतिभा का सृजन होता है बल्कि उद्यमिता, नवाचार और दीर्घकालिक करियर विकास को भी बढ़ावा मिलता है।
उद्देश्य और राष्ट्रीय अभिमुखता
सीएसआईआर इंटीग्रेटेड स्किल इनिशिएटिव का मुख्य उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण को वैज्ञानिक शोध के वातावरण में समाहित करना है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि प्रशिक्षित प्रतिभा सिर्फ तकनीकी रूप से सक्षम न रहे, बल्कि उद्योग की बदलती मांगों के हिसाब से तैयार हो। कार्यक्रम आत्मनिर्भर भारत की बजाय नवाचार-प्रधान विकास, सामाजिक और औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप रोजगारोन्मुख कौशल तथा यह सुनिश्चित करता है कि कौशल प्रशिक्षण वास्तविक औद्योगिक और सामाजिक परिदृश्यों से मेल खाता हो।
इस पहल के अंतर्गत प्रशिक्षुओं को न केवल सैद्धांतिक ज्ञान दिया जाता है, बल्कि उन्हें व्यावहारिक कौशल, प्रयोगशाला में अनुभव, प्रमाणन पाठ्यक्रम, इंटर्नशिप और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्रत्यक्ष अनुभव भी प्रदान किया जाता है। इसका लक्ष्य शिक्षा तथा उद्योग के बीच के अंतर को पाटते हुए दक्ष कार्यबल का सृजन करना है।
समावेशी लाभार्थी और प्रशिक्षण मॉडल
सीएसआईआर की यह पहल समावेशी दृष्टिकोण अपनाती है और इसके लाभार्थियों में छात्रों, युवा शोधकर्ताओं, तकनीकी कर्मियों, कार्यरत पेशेवरों, साथ ही स्कूल ड्रॉपआउट, आईटीआई डिप्लोमा धारक, किसान और ग्रामीण समुदाय शामिल हैं। कार्यक्रम संरचित अल्पकालिक और दीर्घकालिक मॉड्यूल, इंटर्नशिप, प्रमाणन कोर्स तथा प्रयोगशाला में व्यावहारिक अनुभव के रूप में कौशल विकास सत्र प्रदान करता है।
यह लचीला प्रशिक्षण ढांचा विभिन्न पृष्ठभूमियों के लोगों को वैज्ञानिक और तकनीकी कौशल से लैस करने में मदद करता है, जिससे उनकी रोजगार क्षमता में सुधार होता है और वे उद्योग-आधारित रोजगार या उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
क्षेत्रीय कवरेज और कौशल परिणाम
सीएसआईआर इंटीग्रेटेड स्किल इनिशिएटिव राष्ट्रीय स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत चिन्हित 36 प्रमुख क्षेत्रीय कौशलों में से 18 क्षेत्रों को कवर करता है। इन क्षेत्रों में एयरोस्पेस व एविएशन, कृषि, ऑटोमोटिव, निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, ग्रीन जॉब्स, हेल्थकेयर, लाइफ साइंसेज, टेक्सटाइल्स, आईटी एवं आईटीईएस शामिल हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लक्ष्य मजबूत सैद्धांतिक आधार को व्यावहारिक दक्षताओं के साथ जोड़ कर प्रतिभागियों को रोजगार, स्वरोजगार तथा दीर्घकालिक करियर विकास के लिए तैयार करना है। इससे प्रतिभाओं को प्रतिस्पर्धी वातावरण में अपने कौशल का भरपूर उपयोग करने का अवसर मिलता है।
प्रगति, फेज़ III और संस्थागत समर्थन
सीएसआईआर ने बताया है कि फेज़ I और फेज़ II के अंतर्गत अब तक 1.90 लाख से अधिक व्यक्तियों को 5,200 से अधिक कौशल-आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से प्रशिक्षित किया जा चुका है, जिसमें ग्रामीण नागरिकों और महिलाओं के लिए विशेष प्रयास भी शामिल हैं।
जून 2025 में फेज़ III की शुरुआत N. कलैसेल्वी (डायरेक्टर जनरल, CSIR तथा सेक्रेटरी, DSIR) द्वारा की गई थी। पहले वर्ष में ही इस चरण में 37 CSIR प्रयोगशालाओं में 425 से अधिक कार्यक्रमों के माध्यम से 14,000 से अधिक प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
सीएसआईआर-ह्यूमन रिसोर्स डेवलपमेंट सेंटर नोडल कार्यालय के रूप में समन्वय, निगरानी और प्रभाव मूल्यांकन सुनिश्चित करता है, ताकि गुणवत्ता, प्रासंगिकता और राष्ट्रीय विकास की आवश्यकताओं पर निरंतर ध्यान दिया जा सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- CSIR Integrated Skill Initiative विज्ञान और कौशल विकास को जोड़ने वाला राष्ट्रीय कार्यक्रम है।
- यह पहल आत्मनिर्भर भारत और स्किल इंडिया मिशन के लक्ष्यों से जुड़ी है।
- यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत 36 में से 18 कौशल क्षेत्रों को कवर करता है।
- प्रशिक्षण में इंटर्नशिप, प्रमाणन कोर्स और प्रयोगशाला अनुभव शामिल हैं।
इस पहल से भारतीय युवाओं को न सिर्फ तकनीकी दक्षता प्राप्त होती है बल्कि वे वैज्ञानिक दृष्टिकोण और उद्योग-आधारित कौशल के साथ वैश्विक प्रतिस्पर्धा में अग्रणी भूमिका निभा सकते हैं।