सिडनी में ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक बल्लेबाज़ी: 134 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा
सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) पर एशेज श्रृंखला के पांचवें टेस्ट के तीसरे दिन ऑस्ट्रेलिया ने टेस्ट क्रिकेट इतिहास में एक अनोखी उपलब्धि हासिल करते हुए 134 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ डाला। यह प्रदर्शन न केवल उनकी बल्लेबाज़ी की गहराई और निरंतरता को दर्शाता है, बल्कि 4–1 सीरीज़ जीत की ओर उनके मजबूत कदमों का संकेत भी देता है।
ऑस्ट्रेलिया का दबदबा: तीसरे दिन की पूरी कहानी
इंग्लैंड को 384 रनों पर समेटने के बाद, जिसमें जो रूट ने शानदार 160 रन बनाए, ऑस्ट्रेलिया की बल्लेबाज़ी ने कमाल कर दिया। तीसरे दिन के खेल समाप्ति तक ऑस्ट्रेलिया 529 रन पर 7 विकेट गंवाकर खड़ी थी, जिससे उसे पहली पारी में 134 रनों की मज़बूत बढ़त मिल गई। इस पारी की नींव रखी स्टीव स्मिथ ने, जो 129 रन बनाकर नाबाद रहे और अपने टेस्ट करियर का 37वां शतक जड़ा।
ट्रैविस हेड की तेज़तर्रार पारी ने बदला खेल का रुख
दिन की शुरुआत में ट्रैविस हेड ने जबरदस्त आक्रामकता के साथ बल्लेबाज़ी करते हुए 163 रनों की पारी खेली। उन्होंने इंग्लिश गेंदबाज़ों की कमज़ोरियों का फायदा उठाते हुए मैच का रुख ऑस्ट्रेलिया की ओर मोड़ दिया। उनकी यह पारी केवल व्यक्तिगत प्रदर्शन नहीं थी, बल्कि यह उस टीम स्पिरिट का उदाहरण थी जिसने ऑस्ट्रेलिया को पूरे दिन हावी रखा।
सात 50+ रनों की साझेदारियाँ: टेस्ट इतिहास में दुर्लभ कारनामा
इस पारी को ऐतिहासिक बनाने वाला पहलू था—ऑस्ट्रेलिया की सात 50 या उससे अधिक रनों की साझेदारियाँ। यह उपलब्धि न केवल एशेज के इतिहास में पहली बार हुई, बल्कि टेस्ट क्रिकेट में अब तक केवल दूसरी बार दर्ज हुई है। इससे पहले 2007 में भारत ने राहुल द्रविड़ की कप्तानी में द ओवल पर यह कारनामा किया था।
हालांकि ऑस्ट्रेलिया एकदम परिपूर्ण आंकड़े से थोड़ा चूक गया, क्योंकि एलेक्स कैरी और स्टीव स्मिथ के बीच एक साझेदारी केवल 27 रन की रही। बावजूद इसके, यह सामूहिक प्रदर्शन क्रिकेट इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज हो गया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एशेज टेस्ट श्रृंखला ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जाती है, जिसकी शुरुआत 1882 में हुई थी।
- टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत वर्ष 1877 में ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच ही हुई थी।
- 50+ रनों की सात साझेदारियाँ एक टेस्ट पारी में अब तक केवल दो बार हुई हैं: 2007 में भारत और अब 2026 में ऑस्ट्रेलिया द्वारा।
- इससे पहले एशेज में सबसे अधिक (छह) 50+ साझेदारियाँ 1892 में इंग्लैंड ने एडिलेड में बनाई थीं।
ऑस्ट्रेलिया की यह पारी क्रिकेट प्रेमियों के लिए एक ऐतिहासिक लम्हा बन गई है, जिसने यह दर्शा दिया कि टेस्ट क्रिकेट में निरंतरता और साझेदारी की कितनी अहम भूमिका होती है। यह प्रदर्शन उन्हें न केवल इस सीरीज़ में जीत की ओर ले जा रहा है, बल्कि उनके बल्लेबाज़ी क्रम की मजबूती का भी प्रमाण है।