सिएटल में स्वामी विवेकानंद की पहली प्रतिमा का अनावरण
संयुक्त राज्य अमेरिका के सिएटल शहर में स्वामी विवेकानंद की पहली जीवन-आकार की प्रतिमा का अनावरण किया गया है, जो भारत की सांस्कृतिक कूटनीति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। यह कांस्य प्रतिमा सिएटल के प्रमुख सार्वजनिक स्थल वेस्टलेक स्क्वायर में स्थापित की गई है, जो प्रतिदिन हजारों लोगों को आकर्षित करता है। यह पहल न केवल भारतीय विरासत को वैश्विक स्तर पर सम्मान दिलाती है, बल्कि स्वामी विवेकानंद के सार्वभौमिक भाईचारे और एकता के संदेश को भी दुनिया तक पहुंचाती है।
सिएटल में ऐतिहासिक स्थापना
यह प्रतिमा अमेरिका में पहली ऐसी प्रतिमा है, जिसे किसी शहर प्रशासन द्वारा आधिकारिक रूप से स्थापित किया गया है। भारतीय मूर्तिकार नरेश कुमार कुमावत द्वारा निर्मित यह प्रतिमा सिएटल के व्यस्ततम क्षेत्रों में से एक में स्थापित की गई है, जहां प्रतिदिन लगभग 4 लाख से अधिक लोग आते हैं। इस स्थान का चयन इस प्रतिमा के महत्व को और बढ़ाता है, क्योंकि यह सांस्कृतिक आदान-प्रदान और वैश्विक पहचान का प्रतीक बन गया है।
अनावरण समारोह और प्रमुख हस्तियाँ
इस प्रतिमा का अनावरण 11 अप्रैल 2026 को सिएटल की मेयर केटी विल्सन और भारत के वाणिज्य दूत प्रकाश गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर स्थानीय नेताओं, भारतीय-अमेरिकी समुदाय और कई गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया। समारोह में भारतीय संस्कृति की झलक भी देखने को मिली, जिसमें पारंपरिक नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने कार्यक्रम को जीवंत बना दिया।
भारत की सांस्कृतिक कूटनीति में भूमिका
यह प्रतिमा भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) द्वारा भेंट की गई है, जो भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से कार्य करती है। इस पहल का उद्देश्य लोगों के बीच आपसी समझ और सांस्कृतिक जुड़ाव को बढ़ावा देना है। सिएटल जैसे विविध और समावेशी शहर में इस प्रतिमा की स्थापना भारत की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम है।
वैश्विक महत्व और प्रतीकात्मकता
स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी यह प्रतिमा न केवल उनके संदेशों को जीवित रखेगी, बल्कि भारत की सांस्कृतिक उपस्थिति को भी अमेरिका के पश्चिमोत्तर क्षेत्र में मजबूत करेगी। प्रमुख व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्रों के निकट स्थित यह प्रतिमा आने वाले समय में एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक स्थल के रूप में उभर सकती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- स्वामी विवेकानंद ने 1893 में शिकागो के विश्व धर्म संसद में ऐतिहासिक भाषण दिया था।
- भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR) की स्थापना 1950 में की गई थी।
- वेस्टलेक स्क्वायर सिएटल का एक प्रमुख सार्वजनिक स्थल है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग आते हैं।
- स्वामी विवेकानंद ने सार्वभौमिक भाईचारे और सभी धर्मों की एकता का संदेश दिया।
सिएटल में स्वामी विवेकानंद की यह प्रतिमा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उसके वैश्विक प्रभाव का प्रतीक है। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करने के साथ-साथ भारत और अमेरिका के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।