सिंगापुर के पास मिला 14वीं सदी का जहाज़, युआन काल के चीनी चीनीमिट्टी के बर्तन मिले
सिंगापुर के तट के पास समुद्र में मिले 14वीं सदी के एक जहाज़ के मलबे से युआन वंश काल के नीले-सफेद चीनीमिट्टी के बर्तनों का बड़ा भंडार मिला है। यह खोज मंगोल साम्राज्य के दौर में समुद्री व्यापार के बारे में नई जानकारी प्रदान करती है। माना जा रहा है कि यह जहाज़ चीन से तेमासेक की ओर जा रहा था, जो आधुनिक सिंगापुर के स्थान पर स्थित एक ऐतिहासिक व्यापारिक केंद्र था। इस शोध के निष्कर्ष जून 2025 में प्रकाशित “जर्नल ऑफ इंटरनेशनल सेरामिक स्टडीज” में सामने आए।
कठिन परिस्थितियों में चार वर्ष तक चला उत्खनन
इस खोज का नेतृत्व समुद्री पुरातत्वविद माइकल फ्लेकर ने किया, जो सिंगापुर नेशनल हेरिटेज बोर्ड की सहायक संस्था हेरिटेज एसजी से जुड़े हैं। चार वर्षों तक चले अभियान में गोताखोरों ने समुद्र तल से लगभग 3.5 मीट्रिक टन सिरेमिक के टुकड़े बरामद किए।
खुदाई स्थल उथले पानी में होने के बावजूद बेहद चुनौतीपूर्ण था, क्योंकि वहां तेज समुद्री धाराएं और बहुत कम दृश्यता थी। इन परिस्थितियों के कारण गोताखोर लगभग हर चार सप्ताह में ही एक बार गोता लगा पाते थे। प्राप्त सामग्री में लगभग 136 किलोग्राम युआन वंश काल के चीनीमिट्टी के बर्तन थे, जिनमें कई लगभग पूरी तरह सुरक्षित अवस्था में मिले। जहाज़ का अधिकांश ढांचा नष्ट हो चुका था, लेकिन माना जाता है कि यह एक चीनी “जंक” जहाज़ था, जो उस समय प्रचलित नौकाओं में से एक था।
शाही प्रतीकों से मिली समय निर्धारण में मदद
मिले हुए चीनीमिट्टी के बर्तनों पर कई विशिष्ट डिज़ाइन पाए गए, जैसे चार पंजों वाला ड्रैगन, गुलदाउदी से घिरा हुआ फीनिक्स और कमल के तालाब में मंडारिन बतखों का चित्रण। इनमें से मंडारिन बतख वाला डिज़ाइन जहाज़ की तिथि निर्धारित करने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण साबित हुआ।
यह डिज़ाइन सम्राट वेनज़ोंग से जुड़ा माना जाता है, जिनका शासनकाल 1328 से 1332 तक रहा। कहा जाता है कि प्रारंभ में यह डिज़ाइन केवल शाही उपयोग के लिए आरक्षित था। बाद में उनके पदच्युत होने के बाद यह व्यावसायिक उत्पादन में भी आने लगा। ऐतिहासिक घटनाओं जैसे रेड टर्बन विद्रोह और 1368 में युआन वंश के पतन को ध्यान में रखते हुए शोधकर्ताओं का अनुमान है कि यह जहाज़ लगभग 1320 के दशक के अंत और 1371 के बीच डूबा होगा।
व्यापारिक नेटवर्क और सांस्कृतिक महत्व
युआन काल के नीले-सफेद चीनीमिट्टी के बर्तन अपनी मजबूती और पारदर्शिता के कारण यूरेशिया भर में बहुत लोकप्रिय थे। इन्हें चीन में तैयार किया जाता था, लेकिन इनमें प्रयुक्त कोबाल्ट रंगद्रव्य अक्सर फारस से आयात किया जाता था।
ये वस्तुएँ समुद्री और स्थलीय दोनों सिल्क रूट मार्गों के माध्यम से व्यापार में शामिल थीं। माना जाता है कि यह जहाज़ चीन के पूर्वी तट पर स्थित क्वांझोउ बंदरगाह से रवाना हुआ था। इसका गंतव्य तेमासेक था, जो 14वीं सदी में एक महत्वपूर्ण शुल्क-मुक्त व्यापारिक बंदरगाह था। जहाज़ में मौजूद माल की बड़ी मात्रा इस क्षेत्र की समृद्धि और व्यापारिक गतिविधियों को दर्शाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- युआन वंश ने 1271 से 1368 तक चीन पर मंगोल नेतृत्व में शासन किया।
- नीले-सफेद चीनीमिट्टी के बर्तनों में कोबाल्ट रंग का उपयोग होता था, जो अक्सर फारस से आता था।
- तेमासेक आधुनिक सिंगापुर का प्राचीन नाम था और यह एक प्रमुख व्यापारिक बंदरगाह था।
- रेड टर्बन विद्रोह ने युआन वंश के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
यह खोज मंगोल काल के बारे में पारंपरिक धारणाओं को चुनौती देती है। कई विद्वानों का मानना है कि युआन काल की चीनीमिट्टी कला और तकनीक में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि थी। सिंगापुर के पास मिला यह जहाज़ उस दौर के सक्रिय व्यापार, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और तकनीकी प्रगति का प्रत्यक्ष प्रमाण प्रस्तुत करता है।