साइलेंट वैली नेशनल पार्क में खोजी गई छह नई ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई प्रजातियां
केरल स्थित साइलेंट वैली नेशनल पार्क की जैव विविधता में एक और शानदार अध्याय जुड़ गया है। 10 से 12 अक्टूबर तक आयोजित तीन दिवसीय ओडोनेट सर्वेक्षण में छह नई ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई प्रजातियों की खोज की गई है, जिससे पार्क में अब कुल ओडोनेट प्रजातियों की संख्या 103 से बढ़कर 109 हो गई है। यह सर्वेक्षण साइलेंट वैली नेशनल पार्क और सोसाइटी फॉर ओडोनेट स्टडीज़ (SOS) द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था।
नई खोजी गई प्रजातियां
सर्वेक्षण में जिन छह नई प्रजातियों को रिकॉर्ड किया गया, वे हैं:
- लॉन्ग लेग्ड क्लबटेल (Merogomphus longistigma)
- फ्रेज़र का टॉरेंट हॉक (Macromia irata)
- डार्क डैगरहेड (Macromidia donaldi)
- ब्लू-नेक्ड रीडटेल (Protosticta mortoni)
- वायनाड टॉरेंट डार्ट (Euphaea wayanadensis)
- ब्लैक एंड येलो बैंबूटेल (Elattoneura tetrica)
ये नई प्रजातियाँ पार्क की पारिस्थितिक विविधता और सूक्ष्म आवासों की क्षमता को दर्शाती हैं, जो विभिन्न पर्यावरणीय स्थितियों में भी जीवन का समर्थन कर सकते हैं।
जल गुणवत्ता के संकेतक
सर्वेक्षण के दौरान Euphaea dispar, Euphaea fraseri और Euphaea wayanadensis जैसी प्रजातियों की उपस्थिति पाई गई, जो ताजे जल स्रोतों की गुणवत्ता के संकेतक मानी जाती हैं। इन प्रजातियों की उपस्थिति यह प्रमाणित करती है कि साइलेंट वैली की जल धाराएं अब भी उत्कृष्ट पारिस्थितिक स्वास्थ्य को बनाए हुए हैं।
पश्चिमी घाट के स्थानीय प्रजातियों का आश्रय
पार्क में Protosticta mortoni और Indosticta deccanensis जैसी प्रजातियों की उपस्थिति यह दिखाती है कि यह क्षेत्र पश्चिमी घाट की स्थानिक प्रजातियों के लिए एक सुरक्षित आश्रय स्थल है। Pale-spotted Bambootail (Caconeura gomphoides), Ruby-tailed Hawklet (Epithemis mariae) और Malabar Bambootail (Melanoneura bilineata) जैसी दुर्लभ प्रजातियाँ भी यहां पाई गईं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- यह चौथा ओडोनेट सर्वेक्षण था जो साइलेंट वैली नेशनल पार्क में 2019 से आयोजित किया गया।
- इस बार के सर्वेक्षण में कुल 37 स्वयंसेवकों और वन विभाग के कर्मचारियों ने 12 शिविर स्थलों पर भाग लिया।
- ओडोनेट विशेषज्ञ डॉ. सुजीत वी. गोपालन, विवेक चंद्रन, मोहम्मद शरीफ, रंजीथ जैकब मैथ्यू और रेजी चंद्रन ने सर्वेक्षण का नेतृत्व किया।
- ओडोनेट्स (ड्रैगनफ्लाई और डैमसेलफ्लाई) पारिस्थितिकी तंत्र के स्वास्थ्य के प्रमुख जैव-संकेतक होते हैं।