साइबेरिया में 39,000 वर्ष पुराने मैमथ के आरएनए का सफल विश्लेषण

साइबेरिया में 39,000 वर्ष पुराने मैमथ के आरएनए का सफल विश्लेषण

वैज्ञानिकों ने साइबेरिया की स्थायी बर्फ (परमाफ्रॉस्ट) में संरक्षित 39,000 वर्ष पुराने ऊनी मैमथ (Woolly Mammoth) के आरएनए का अनुक्रमण (sequencing) कर एक ऐतिहासिक खोज की है। यह अध्ययन पहली बार किसी विलुप्त जीव के कोशिकीय स्तर पर जीवन और जीन गतिविधि की झलक प्रस्तुत करता है। शोध से यह भी स्पष्ट हुआ है कि बर्फीली मिट्टी में जैविक अणु (biomolecules) हजारों वर्षों तक संरक्षित रह सकते हैं, जिससे परमाफ्रॉस्ट एक प्राकृतिक “आइस एज अभिलेखागार” बन जाता है।

साइबेरियाई परमाफ्रॉस्ट में मिला 39,000 वर्ष पुराना मैमथ

यह मैमथ, जिसे वैज्ञानिक “यूका” (Yuka) नाम से जानते हैं, लैप्तेव सागर (Laptev Sea) के तट के पास जमी बर्फीली परतों में मिला था। इसके मांसपेशियों और त्वचा जैसी कोमल ऊतकों की असाधारण अवस्था ने वैज्ञानिकों को सूक्ष्म आरएनए अंश प्राप्त करने में सक्षम बनाया। स्थायी रूप से जमे वातावरण, अत्यंत निम्न तापमान और तीव्र दफन प्रक्रिया ने जीवाणुओं की गतिविधि और रासायनिक अपघटन को सीमित रखा, जिससे कोशिकीय सामग्री अप्रत्याशित रूप से लंबे समय तक सुरक्षित रही।

प्राचीन आरएनए ने क्या बताया

यूका के ऊतकों से प्राप्त आरएनए का विश्लेषण बताता है कि मृत्यु से ठीक पहले मैमथ के शरीर में कौन से जीन सक्रिय थे। आरएनए अनुक्रमों में मांसपेशियों की संरचना, कोशिका रखरखाव और ऊर्जा चयापचय (metabolism) से जुड़े जीन पाए गए। कुछ अंश तनाव प्रतिक्रिया (stress response) से संबंधित थे, जो संकेत देते हैं कि मृत्यु से पहले मैमथ की मांसपेशियों पर पर्यावरणीय या शारीरिक दबाव था।आधुनिक हाथियों के जीनोम से तुलना में यह प्रमाणित हुआ कि प्राप्त अनुक्रम वास्तव में मैमथ के ही थे और उनके मूल कोशिकीय कार्य हाथियों से अत्यंत समान थे।

अत्यंत प्राचीन आरएनए की पुनर्प्राप्ति की उन्नत तकनीकें

इतने पुराने और नाजुक जैविक पदार्थों के अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों ने विशेष निष्कर्षण तकनीकें अपनाईं, जो अत्यधिक विघटित आरएनए को संरक्षित रख सकें। नेक्स्ट-जनरेशन सीक्वेंसिंग प्लेटफॉर्म को बहुत छोटे और क्षतिग्रस्त अंशों को पढ़ने के लिए अनुकूलित किया गया।कठोर संदूषण नियंत्रण जैसे क्लीन-रूम वातावरण और जेनेटिक क्रॉस-चेकिंग के माध्यम से यह सुनिश्चित किया गया कि केवल मैमथ या हाथी से मेल खाते अनुक्रम ही प्रमाणिक रूप में स्वीकार किए जाएं। यह तकनीकी उपलब्धि प्राचीन जीनोमिक्स (palaeogenomics) में एक नया अध्याय खोलती है, क्योंकि यह केवल डीएनए ही नहीं, बल्कि प्राचीन जीन गतिविधि के “क्षणचित्र” भी प्रस्तुत कर सकती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • “यूका” नामक यह मैमथ लगभग 39,000 वर्ष पुराना है और साइबेरिया के परमाफ्रॉस्ट में मिला था।
  • आरएनए से यह ज्ञात किया जा सकता है कि जीव की मृत्यु से पहले कौन से जीन सक्रिय थे।
  • प्राप्त आरएनए में मांसपेशियों, कोशिका रखरखाव, ऊर्जा उपयोग और तनाव प्रतिक्रिया से जुड़े जीन मिले।
  • परमाफ्रॉस्ट के स्थायी निम्न तापमान ने ऊतकों और जैविक अणुओं के दीर्घकालिक संरक्षण में मदद की।

जलवायु परिवर्तन और संरक्षण की चुनौती

यूका के आसपास की मिट्टी के विश्लेषण से पता चला कि वह क्षेत्र “मैमथ स्टेप्प” नामक ठंडा, घासयुक्त पारिस्थितिकी तंत्र था, जो हिमयुग में बड़े शाकाहारी जीवों का घर था। इसी स्थिर ठंडे वातावरण ने यूका के ऊतकों और आरएनए को हजारों वर्षों तक सुरक्षित रखा।लेकिन आज जब जलवायु परिवर्तन के कारण परमाफ्रॉस्ट पिघल रहा है, ऐसे अवशेष तेजी से उजागर हो रहे हैं और उनके जैविक अंश गर्मी के संपर्क में आते ही नष्ट हो सकते हैं। यह अध्ययन इस बात की चेतावनी देता है कि इन ऐतिहासिक नमूनों का संरक्षण और वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण समय रहते किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

Originally written on November 18, 2025 and last modified on November 18, 2025.

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