सविता पूनिया को पद्म श्री: भारतीय महिला हॉकी टीम के सामूहिक संकल्प का सम्मान
भारतीय महिला हॉकी टीम की अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान को उन्होंने व्यक्तिगत उपलब्धि के बजाय पूरी राष्ट्रीय टीम की मेहनत और समर्पण की मान्यता बताया है। उनका यह दृष्टिकोण भारतीय खेल संस्कृति में टीम भावना और सामूहिक प्रयासों की महत्ता को रेखांकित करता है।
भावनात्मक प्रतिक्रिया और पारिवारिक समर्पण
पुरस्कार की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए सविता ने बताया कि यह खबर सुनते ही वे उत्साहित और भावुक हो गईं। उन्होंने इस सम्मान को अपने पिता महेन्द्र पूनिया को समर्पित किया, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी उनकी खेल यात्रा का निरंतर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह पद्म श्री उनके परिवार की वर्षों की तपस्या और त्याग की प्रतीक है, जो आज मान्यता के रूप में सामने आया है।
व्यक्तिगत नहीं, टीम की जीत
सविता ने स्पष्ट किया कि भले ही यह पुरस्कार उन्हें व्यक्तिगत रूप से मिला हो, लेकिन यह भारतीय महिला हॉकी टीम के सामूहिक संघर्ष और साहस का प्रतीक है। उन्होंने हॉकी इंडिया को भी धन्यवाद दिया, जिसके निरंतर समर्थन के कारण टीम इस मुकाम तक पहुंच सकी। उन्होंने बताया कि पूरी टीम ने इस पुरस्कार की घोषणा को एक साथ मिलकर मनाया।
करियर की उपलब्धियां और वर्तमान तैयारी
सविता पूनिया के नाम 308 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले दर्ज हैं, और वे 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय उपस्थिति दर्ज करने वाली दूसरी भारतीय महिला हॉकी खिलाड़ी हैं। वे वर्तमान में बेंगलुरु में नए कोच स्जोर्ड मरीन के मार्गदर्शन में विश्व कप क्वालीफायर्स की तैयारी में जुटी हैं, जो मार्च में होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि यह सम्मान ऐसे समय पर मिला है जब टीम को नए उत्साह की आवश्यकता थी और यह भविष्य की सफलता की प्रेरणा बन सकता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य:
- पद्म श्री भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है।
- पद्म पुरस्कार हर वर्ष गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित किए जाते हैं।
- सविता पूनिया ने भारतीय महिला हॉकी में 300 से अधिक अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं।
- हॉकी इंडिया भारत में हॉकी खेल का सर्वोच्च संचालन निकाय है।
युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा
सविता ने आशा जताई कि यह सम्मान टीम की युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेगा और वे भी कड़ी मेहनत करके इसी तरह की मान्यता प्राप्त करेंगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी एशियाई खेलों और विश्व कप क्वालीफायर्स में भारतीय महिला हॉकी टीम दमदार प्रदर्शन कर इस गौरवपूर्ण क्षण को नए जोश और परिणामों में परिवर्तित करेगी।
सविता पूनिया का यह सम्मान न केवल उनके खेल कौशल की पहचान है, बल्कि भारतीय महिला हॉकी की प्रगति और संघर्षशीलता की भी पुष्टि करता है। यह उन सभी खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो खेल के माध्यम से राष्ट्र का गौरव बढ़ाना चाहते हैं।