संयुक्त राष्ट्र ने सचिन तेंदुलकर को ‘ग्लोबल चैंपियन फॉर रोड सेफ्टी’ नियुक्त किया

संयुक्त राष्ट्र ने सचिन तेंदुलकर को ‘ग्लोबल चैंपियन फॉर रोड सेफ्टी’ नियुक्त किया

विश्व क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर को संयुक्त राष्ट्र द्वारा ‘ग्लोबल चैंपियन फॉर रोड सेफ्टी’ नामित किया गया है। इस नियुक्ति के साथ वे उन अंतरराष्ट्रीय हस्तियों के समूह में शामिल हो गए हैं, जो सुरक्षित सड़कों के लिए वैश्विक स्तर पर जागरूकता फैला रहे हैं। इस अवसर पर जारी एक वीडियो संदेश में तेंदुलकर ने नागरिकों से जिम्मेदार ड्राइविंग अपनाने और सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। यह पहल सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को कम करने के संयुक्त राष्ट्र के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है।

अनुशासन और जागरूकता पर जोर

अपने संदेश में सचिन तेंदुलकर ने कहा कि जिस प्रकार खेल में अनुशासन और सतर्कता आवश्यक है, उसी प्रकार सड़कों पर भी जिम्मेदारी और जागरूकता अनिवार्य है। उन्होंने सीट बेल्ट पहनने, हेलमेट का उपयोग करने, सतर्क रहकर वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने जैसे सरल उपायों को जीवनरक्षक बताया।

उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि कई देशों में वाहनों की संख्या की तुलना में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर अत्यधिक है। ऐसे में सामूहिक जिम्मेदारी निभाना समय की आवश्यकता है। उनका संदेश “हर जीवन महत्वपूर्ण है” सभी आयु वर्गों और समुदायों को प्रेरित करने के उद्देश्य से दिया गया है।

संयुक्त राष्ट्र का समर्थन और वैश्विक पहल

संयुक्त राष्ट्र महासचिव के सड़क सुरक्षा विषयक विशेष दूत जीन टॉड ने कहा कि लोकप्रिय हस्तियों का प्रभाव सामाजिक व्यवहार में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। जब सम्मानित सार्वजनिक व्यक्तित्व सुरक्षा संबंधी संदेश देते हैं, तो लोगों के नियमों के पालन की संभावना बढ़ जाती है।

संयुक्त राष्ट्र ‘सड़क सुरक्षा के लिए कार्रवाई का दशक’ अभियान को बढ़ावा दे रहा है, जिसका लक्ष्य बेहतर प्रवर्तन, सुरक्षित बुनियादी ढांचे और व्यापक जागरूकता अभियानों के माध्यम से वैश्विक सड़क मृत्यु दर को आधा करना है। यह अभियान सदस्य देशों को नीतिगत सुधार और संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रेरित करता है।

भारतीय राज्यों में विशेष पहल

भारत में विश्व स्वास्थ्य संगठन सहित संयुक्त राष्ट्र की विभिन्न इकाइयों ने राजस्थान, केरल, तमिलनाडु और असम जैसे राज्यों में वित्तीय एवं तकनीकी सहायता कार्यक्रम शुरू किया है। इस पहल के अंतर्गत दुर्घटना-प्रवण स्थलों (ब्लैकस्पॉट) में सुधार, सुरक्षित स्कूल जोन का निर्माण, पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए बेहतर सुविधाएं तथा दुर्घटना के बाद आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

इन राज्यों का चयन इसलिए किया गया है ताकि सड़क सुरक्षा संबंधी चुनौतियों से निपटने के लिए मजबूत संस्थागत तंत्र विकसित किया जा सके और दीर्घकालिक सुधार सुनिश्चित हो सके।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

* ‘सड़क सुरक्षा के लिए कार्रवाई का दशक’ का उद्देश्य वैश्विक स्तर पर सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों को उल्लेखनीय रूप से कम करना है।
* सड़क दुर्घटनाएं विश्वभर में युवाओं की मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक हैं।
* विश्व स्वास्थ्य संगठन वैश्विक सड़क सुरक्षा आंकड़ों की निगरानी करता है और सदस्य देशों को तकनीकी सहयोग प्रदान करता है।
* ब्लैकस्पॉट वे स्थान होते हैं जहां बार-बार सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और जोखिम अधिक होता है।

भारत वैश्विक सड़क दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय हिस्सेदारी रखता है, इसलिए जन-जागरूकता और व्यवहार परिवर्तन अत्यंत महत्वपूर्ण नीति प्राथमिकताएं हैं। प्रभावशाली सार्वजनिक हस्तियों को वैश्विक चैंपियन बनाकर संयुक्त राष्ट्र जनभागीदारी और संस्थागत सुधार को साथ लेकर चलने की रणनीति अपना रहा है। इस पहल के माध्यम से सुरक्षित आवागमन को बढ़ावा देने और रोकी जा सकने वाली मौतों को कम करने की दिशा में सार्थक प्रयास किए जा रहे हैं।

Originally written on February 25, 2026 and last modified on February 25, 2026.

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