शिक्षाविद मोहम्मद लतीफ़ खान को मिला मौलाना अबुल कलाम आज़ाद राष्ट्रीय पुरस्कार 2025

शिक्षाविद मोहम्मद लतीफ़ खान को मिला मौलाना अबुल कलाम आज़ाद राष्ट्रीय पुरस्कार 2025

तेलंगाना सरकार ने शिक्षा, सामाजिक कल्याण और अल्पसंख्यक सशक्तिकरण में दीर्घकालिक योगदान के लिए शिक्षाविद मोहम्मद लतीफ़ खान को “मौलाना अबुल कलाम आज़ाद राष्ट्रीय पुरस्कार 2025” से सम्मानित किया है। यह सम्मान समाज के वंचित तबकों में मूल्य-आधारित और सुलभ शिक्षा के विस्तार में उनके तीन दशक लंबे समर्पण को मान्यता देता है।

राष्ट्रीय शिक्षा दिवस पर हुआ सम्मान समारोह

यह पुरस्कार हैदराबाद में तेलंगाना उर्दू अकादमी द्वारा आयोजित समारोह में प्रदान किया गया। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने मोहम्मद लतीफ़ खान को सम्मान पत्र, स्मृति चिन्ह और नकद पुरस्कार के साथ यह सम्मान सौंपा। इस अवसर पर वर्ष 2024 और 2025 दोनों के पुरस्कार विजेताओं को सम्मानित किया गया, जिससे राज्य सरकार की शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की प्रतिबद्धता झलकती है।

समावेशी शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता

मोहम्मद लतीफ़ खान का जीवन मिशन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाना रहा है। एम.एस. एजुकेशन अकादमी के संस्थापक-चेयरमैन के रूप में उन्होंने ऐसी शिक्षा प्रणाली विकसित की जो शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ चरित्र निर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी पर भी बल देती है। उनकी दूरदृष्टि के परिणामस्वरूप हजारों युवाओं को उच्च शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर मिले हैं।

सामाजिक परिवर्तन को गति देने वाली पहलें

उनके नेतृत्व में एम.एस. एजुकेशन अकादमी ने कई प्रभावशाली कार्यक्रम शुरू किए हैं जिनमें सिविल सेवा प्रशिक्षण, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, स्वास्थ्य सेवा जागरूकता और महिला कौशल विकास जैसी पहलें शामिल हैं। इन पहलों ने न केवल युवाओं को सशक्त किया, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों में आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता की भावना को भी मजबूत किया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मौलाना अबुल कलाम आज़ाद राष्ट्रीय पुरस्कार शिक्षा, उर्दू भाषा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए दिया जाता है।
  • एम.एस. एजुकेशन अकादमी की स्थापना 1991 में हुई थी और आज इसके 100 से अधिक संस्थान संचालित हो रहे हैं।
  • वर्ष 2025 का पुरस्कार समारोह हैदराबाद के रविन्द्र भारती सभागार में आयोजित हुआ।
  • यह पुरस्कार तेलंगाना सरकार की ओर से मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन ने प्रदान किया।

तीन दशकों में एम.एस. एजुकेशन अकादमी की प्रगति

एक छोटे शिक्षण केंद्र के रूप में आरंभ हुई एम.एस. एजुकेशन अकादमी आज स्कूलों, जूनियर और डिग्री कॉलेजों के साथ राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा तैयारी और सामाजिक कल्याण कार्यक्रमों तक विस्तारित हो चुकी है। अकादमी का शिक्षा मॉडल अकादमिक उत्कृष्टता, जीवन कौशल और समावेशिता का संतुलित संयोजन प्रस्तुत करता है, जिसने भारत में शिक्षा और सामाजिक परिवर्तन की दिशा को नई ऊर्जा प्रदान की है।

Originally written on November 18, 2025 and last modified on November 18, 2025.

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