‘शाची’ के लॉन्च के साथ भारत की नौसैनिक ताकत में बढ़ोतरी
भारत ने स्वदेशी नौसैनिक क्षमता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) कार्यक्रम के तहत पहले जहाज ‘शाची’ का सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह ऐतिहासिक घटना 31 मार्च 2026 को गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL), गोवा में आयोजित की गई, जिसमें भारतीय नौसेना और रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह उपलब्धि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा निर्माण नीति को और मजबूती प्रदान करती है।
लॉन्च कार्यक्रम और नौसैनिक महत्व
‘शाची’ के लॉन्च समारोह का आयोजन पारंपरिक नौसैनिक रीति-रिवाजों के साथ किया गया। इस अवसर पर समारोह का संचालन श्रीमती शगुन सोबती द्वारा किया गया, जबकि उप नौसेनाध्यक्ष वाइस एडमिरल तरुण सोबती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस आयोजन ने भारत की समुद्री सुरक्षा और नौसेना की बढ़ती क्षमता को दर्शाया।
एनजीओपीवी कार्यक्रम और निर्माण रणनीति
एनजीओपीवी कार्यक्रम के तहत कुल 11 अत्याधुनिक ऑफशोर पेट्रोल वेसल का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना दो प्रमुख शिपयार्ड—गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) और गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE), कोलकाता में संचालित हो रही है। इस समानांतर निर्माण रणनीति का उद्देश्य समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करना और देश की जहाज निर्माण क्षमता को बढ़ाना है।
क्षमताएं और संचालन भूमिका
ये स्वदेशी जहाज बहुआयामी संचालन के लिए डिजाइन किए गए हैं। इनमें समुद्री सुरक्षा, तटीय निगरानी, खोज और बचाव (Search and Rescue), अपतटीय संपत्तियों की सुरक्षा, मानवीय सहायता और आपदा राहत (HADR), तथा एंटी-पायरेसी ऑपरेशन जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं शामिल हैं। इन जहाजों के शामिल होने से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी और सुरक्षा प्रणाली और अधिक सुदृढ़ होगी।
प्रतीकात्मकता और आत्मनिर्भर भारत
‘शाची’ नाम भारतीय पौराणिक परंपरा से लिया गया है, जो सहायता और समर्थन का प्रतीक है। इसके अलावा, एनजीओपीवी का प्रतीक चिन्ह सप्तऋषि (Ursa Major) नक्षत्र और प्रकाशस्तंभ को दर्शाता है, जो मार्गदर्शन और सतर्कता का संकेत है। यह परियोजना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत भारत की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता को बढ़ाने का प्रतीक है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ऑफशोर पेट्रोल वेसल (OPVs) का उपयोग समुद्री निगरानी और सुरक्षा के लिए किया जाता है।
- गोवा शिपयार्ड लिमिटेड (GSL) और GRSE भारत के प्रमुख रक्षा जहाज निर्माण केंद्र हैं।
- HADR का अर्थ है मानवीय सहायता और आपदा राहत संचालन।
- ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान का उद्देश्य रक्षा सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देना है।
अंततः, ‘शाची’ का लॉन्च भारत के लिए केवल एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि यह देश की समुद्री सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह परियोजना भारत को वैश्विक स्तर पर एक सक्षम और स्वावलंबी रक्षा शक्ति के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।