शशि शेखर वेम्पति को पद्म श्री: सार्वजनिक प्रसारण से लेकर AI तक भारत के डिजिटल भविष्य के शिल्पकार
तकनीक, सार्वजनिक प्रसारण और संस्थागत विकास के संगम पर कार्य करने वाले शशि शेखर वेम्पति को वर्ष 2026 का पद्म श्री सम्मान प्रदान किया गया है। उनका करियर भारत की ज्ञान और संचार प्रणाली को आधुनिक स्वरूप देने वाले महत्वपूर्ण योगदानों से जुड़ा है, जिससे वे देश के अग्रणी सार्वजनिक सेवकों में गिने जाते हैं।
आईआईटी बॉम्बे की शिक्षा और तकनीकी दृष्टिकोण
शशि शेखर वेम्पति ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे से शिक्षा प्राप्त की, जिसने उनके तकनीकी और संस्थागत दृष्टिकोण की नींव रखी। उन्होंने इंजीनियरिंग सोच को सार्वजनिक हित से जोड़ते हुए तकनीक के माध्यम से शासन और जनसंचार में सुधार के नए मॉडल प्रस्तुत किए। उनके सिस्टम-आधारित दृष्टिकोण ने भारत में सार्वजनिक संवाद की संरचना को प्रभावित किया।
प्रसार भारती में नेतृत्व और संरचनात्मक बदलाव
प्रसार भारती के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में वेम्पति का कार्यकाल दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो के आधुनिकीकरण का पर्याय बन गया। उन्होंने न केवल तकनीकी उन्नयन कराया, बल्कि राज्यसभा टीवी जैसे संसदीय प्रसारण माध्यमों को भी सशक्त किया। उनके कार्यकाल को लोक सेवा प्रसारण को व्यावसायिक रूप देने और उसकी पहुंच को विस्तार देने के लिए याद किया जाता है।
शिक्षा और विज्ञान संचार में योगदान
प्रसारण क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए वेम्पति ने शिक्षा और विज्ञान संचार में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे वर्तमान में विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग की विज्ञान संचार समिति तथा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की शैक्षिक मीडिया विशेषज्ञ समिति के अध्यक्ष हैं। इसके अतिरिक्त, वे भारतीय जन संचार संस्थान और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के शासी निकायों में भी शामिल हैं, जहां वे मीडिया साक्षरता और नीतिगत पहल को दिशा देते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य:
- पद्म श्री भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
- प्रसार भारती भारत का स्वायत्त सार्वजनिक सेवा प्रसारण निकाय है।
- आईआईटी बॉम्बे भारत के प्रमुख इंजीनियरिंग संस्थानों में से एक है।
- विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) उच्च शिक्षा नियमन का प्रमुख निकाय है।
भारत के AI मिशन में रणनीतिक भूमिका
पद्म श्री सम्मान के साथ-साथ वेम्पति को “भारतजन टेक्नोलॉजी फाउंडेशन” के निदेशक मंडल में स्वतंत्र निदेशक नियुक्त किया गया है, जो भारत के मूलभूत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल विकसित कर रहा है। वे “डीपटेक फॉर भारत फाउंडेशन” के सह-संस्थापक भी हैं, जो भारत-केंद्रित तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देता है।
शशि शेखर वेम्पति का यह सम्मान न केवल उनके अतीत के योगदान का प्रतीक है, बल्कि भारत के डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और आत्मनिर्भर AI विकास की दिशा में उनके अग्रणी नेतृत्व की पुष्टि भी करता है।