वैश्विक बौद्ध सम्मेलन 2026: ‘संयुक्त बुद्धिमत्ता और सह-अस्तित्व’ पर वैश्विक विमर्श
अंतरराष्ट्रीय बौद्ध महासंघ (International Buddhist Confederation) और भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से द्वितीय वैश्विक बौद्ध सम्मेलन (Global Buddhist Summit) 24–25 जनवरी 2026 को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन समकालीन वैश्विक चुनौतियों पर बौद्ध दृष्टिकोणों के माध्यम से संवाद को बढ़ावा देने वाला एक प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंच बनने जा रहा है।
विषय और समकालीन प्रासंगिकता
दूसरे वैश्विक बौद्ध सम्मेलन का विषय है: “संयुक्त बुद्धिमत्ता, एकीकृत स्वर और पारस्परिक सह-अस्तित्व”। सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय परिवर्तनों से युक्त वर्तमान युग में, यह सम्मेलन ‘बुद्ध धम्म’ की समकालीन प्रासंगिकता को रेखांकित करेगा। करुणा, सौहार्द और प्रज्ञा जैसे बौद्ध मूल्यों को वैश्विक संघर्ष, मानसिक अलगाव और अनिश्चितता जैसी समस्याओं के समाधान के रूप में प्रस्तुत किया जाएगा।
वैश्विक बौद्ध संवाद का मंच
IBC के आदर्श वाक्य “Collective Wisdom, United Voice” के अनुरूप यह सम्मेलन एक ऐसे वैश्विक मंच की परिकल्पना है जो आध्यात्मिक और दार्शनिक संवाद के माध्यम से एकजुटता और सहभागिता को प्रोत्साहित करता है। 2023 में आयोजित पहले सम्मेलन की सफलता के आधार पर यह आयोजन बौद्ध संतों, विचारकों और विद्वानों को एक साथ लाएगा, ताकि वे समवेत रूप से नैतिक नेतृत्व और वैश्विक सौहार्द की दिशा में मार्गदर्शन कर सकें।
उच्चस्तरीय भागीदारी और उद्घाटन
सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने की संभावना है, जैसा कि प्रथम संस्करण के समय हुआ था। इस बार लगभग 200 अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि शामिल होंगे, जिनमें शीर्ष बौद्ध संघों के अध्यक्ष, सुप्रीम पितामह, प्रतिष्ठित भिक्षु, विद्वान और वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति शामिल हैं। कुल सहभागिता 800 से अधिक प्रतिभागियों तक पहुँचने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- International Buddhist Confederation (IBC) वैश्विक बौद्ध सम्मेलन का आयोजक है।
- दूसरा वैश्विक बौद्ध सम्मेलन 24–25 जनवरी 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में होगा।
- सम्मेलन का विषय “Collective Wisdom, United Voice, and Mutual Coexistence” है।
- यह सम्मेलन बौद्ध मूल्यों के माध्यम से वैश्विक संकटों का समाधान तलाशने का प्रयास करता है।
वैश्विक चुनौतियों पर बौद्ध दृष्टिकोण
यह सम्मेलन राज्य प्रमुखों, संघों के सदस्यों, धम्म साधकों और विद्वानों के बीच संवाद को सुगम बनाएगा, जिसमें आधुनिक समस्याओं जैसे तकनीकी परिवर्तन, उपभोक्तावाद और पर्यावरणीय क्षरण पर बौद्ध मूल्यों के अनुरूप समाधान प्रस्तुत किए जाएंगे। विचार-विमर्श इस बात पर केंद्रित होगा कि कैसे बुद्ध धम्म की शिक्षाएं नैतिक नेतृत्व, सामाजिक समरसता और टिकाऊ जीवनशैली के लिए प्रेरणा प्रदान कर सकती हैं।
निष्कर्ष
द्वितीय वैश्विक बौद्ध सम्मेलन, भारत के ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ दृष्टिकोण को अंतरराष्ट्रीय मंच पर स्थापित करने का सशक्त प्रयास है। यह सम्मेलन न केवल बौद्ध संस्कृति की वैश्विक उपस्थिति को मजबूत करेगा, बल्कि विश्व के सामने करुणा और सह-अस्तित्व पर आधारित एक संतुलित और नैतिक भविष्य का खाका भी प्रस्तुत करेगा।