वैश्विक ऊर्जा संक्रमण में अंतरराष्ट्रीय व्यापार की भूमिका पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन
नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, ओडिशा के कटक परिसर में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “वैश्विक ऊर्जा संक्रमण में अंतरराष्ट्रीय व्यापार की भूमिका” विषय पर आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य व्यापार नियमों को जलवायु और सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप ढालने की आवश्यकता पर वैश्विक संवाद को आगे बढ़ाना था। सम्मेलन में न्यायविदों, नीति निर्माताओं, शिक्षाविदों और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया।
संस्थागत सहयोग और कार्यक्रम ढांचा
यह सम्मेलन सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ (CTIL) और सेंटर फॉर इंटरनेशनल ट्रेड लॉ, एनएलयू ओडिशा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। आयोजन वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (WTO) चेयर्स प्रोग्राम के अंतर्गत हुआ, जो अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर शैक्षणिक अनुसंधान को प्रोत्साहित करता है।
इस मंच का उद्देश्य यह जांचना था कि कैसे अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रणाली स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण को प्रोत्साहित कर सकती है, जबकि विकासशील देशों की चिंताओं को भी संबोधित किया जा सके।
न्यायिक और राजनयिक भागीदारी
सम्मेलन में ओडिशा उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति बिरज प्रसन्न मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि प्रख्यात विधिवेत्ता प्रोफेसर एन.एल. मित्रा विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। WTO अपीलीय निकाय के पूर्व अध्यक्ष राजदूत उज्जवल सिंह भाटिया की उपस्थिति ने इस चर्चा को और अधिक संस्थागत और कानूनी परिप्रेक्ष्य प्रदान किया।
प्रमुख वक्तव्य और विचार-विमर्श के विषय
प्रोफेसर वर्नर ज़्डौक (पूर्व निदेशक, WTO अपीलीय सचिवालय), डॉ. कौशिक देब (एनर्जी पॉलिसी इंस्टिट्यूट, यूनिवर्सिटी ऑफ़ शिकागो), प्रोफेसर जेम्स जे. नेडुमपारा (प्रमुख, CTIL) और एलिस टिपिंग (इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट) ने विशेष सत्रों को संबोधित किया।
तकनीकी सत्रों में निम्नलिखित विषयों पर गहन चर्चा हुई:
- हरित औद्योगिक नीति
- सतत व्यापार ढांचे
- स्वच्छ ऊर्जा प्रणालियां
- नियामक अभ्यास और नियम
- कार्बन गवर्नेंस और उत्सर्जन नियंत्रण
- विकासशील देशों को ऊर्जा संक्रमण में आने वाली चुनौतियाँ
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- WTO Chairs Programme अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर अनुसंधान को बढ़ावा देता है।
- वैश्विक ऊर्जा संक्रमण जीवाश्म ईंधन से स्वच्छ ऊर्जा स्रोतों की ओर बदलाव को कहते हैं।
- ग्रीन इंडस्ट्रियल पॉलिसी व्यापार, उद्योग और जलवायु लक्ष्यों को जोड़ती है।
- कार्बन गवर्नेंस उत्सर्जन नियंत्रण हेतु नियामक ढांचे को दर्शाता है।
नीति संवाद और ज्ञान साझा करने का मंच
हर पैनल के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किए गए, जिनमें प्रतिभागियों और विशेषज्ञों के बीच प्रत्यक्ष संवाद हुआ। अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, शिक्षा क्षेत्र और नीति निर्माण से जुड़े वक्ताओं ने व्यापार नियमों और सतत विकास लक्ष्यों के बीच सामंजस्य पर अपने विचार साझा किए।
यह सम्मेलन नीति संवाद को आगे बढ़ाने और यह समझने का एक प्रभावी मंच बना कि कैसे बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली एक न्यायसंगत और सतत वैश्विक ऊर्जा संक्रमण में सहयोगी भूमिका निभा सकती है।