वैश्विक आतंकवाद सूचकांक 2026: पाकिस्तान शीर्ष पर, बढ़ती हिंसा पर चिंता
वैश्विक आतंकवाद सूचकांक (GTI) 2026 में पाकिस्तान पहली बार शीर्ष स्थान पर पहुंच गया है। यह रिपोर्ट इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) द्वारा जारी की गई है, जिसमें वर्ष 2025 के दौरान देश में आतंकवादी घटनाओं और मौतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह स्थिति पाकिस्तान की बिगड़ती आंतरिक सुरक्षा और क्षेत्रीय अस्थिरता को दर्शाती है।
आतंकवाद से जुड़ी मौतों में तेज वृद्धि
रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में पाकिस्तान में आतंकवाद के कारण 1,139 लोगों की मौत हुई, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 6 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा वर्ष 2013 के बाद सबसे अधिक है। इस वृद्धि से स्पष्ट है कि देश में आतंकी गतिविधियां फिर से तेजी पकड़ रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था गंभीर चुनौती का सामना कर रही है।
टीटीपी और बीएलए की भूमिका
पाकिस्तान में आतंकवाद के बढ़ते मामलों के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) की प्रमुख भूमिका रही है। वर्ष 2009 से अब तक हुए कुल हमलों में से 67 प्रतिशत से अधिक के लिए यही संगठन जिम्मेदार रहा है। 2025 में टीटीपी के हमलों में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई और कुल 595 घटनाएं दर्ज की गईं। ये हमले मुख्य रूप से खैबर पख्तूनख्वा क्षेत्र में हुए, जो अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है। इसके अलावा बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने भी कुछ हद तक हिंसा को बढ़ावा दिया।
क्षेत्रीय कारक और अफगानिस्तान का प्रभाव
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अफगानिस्तान के साथ तनावपूर्ण संबंध और वहां तालिबान की वापसी ने पाकिस्तान में आतंकवाद को बढ़ाने में भूमिका निभाई है। इससे टीटीपी की ताकत और प्रभाव बढ़ा है, जिससे वह नए क्षेत्रों में अपने हमले फैलाने में सक्षम हुआ है। सीमा पार गतिविधियां वर्तमान सुरक्षा स्थिति को और जटिल बना रही हैं।
बंधक बनाने की घटनाओं में वृद्धि
2025 में बंधक बनाने की घटनाओं में भी भारी वृद्धि दर्ज की गई है। 2024 में जहां 101 लोग बंधक बनाए गए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 655 हो गई। इस वृद्धि का प्रमुख कारण ‘जाफर एक्सप्रेस’ पर हुआ हमला था, जिसमें 442 लोगों को बंधक बनाया गया। यह घटना आतंकवाद के बदलते स्वरूप और बढ़ती गंभीरता को दर्शाती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- वैश्विक आतंकवाद सूचकांक (GTI) को इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस (IEP) द्वारा जारी किया जाता है।
- GTI 2026 में पाकिस्तान पहले स्थान पर रहा, जहां 1,139 मौतें दर्ज की गईं।
- तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) देश में अधिकांश आतंकी घटनाओं के लिए जिम्मेदार है।
- खैबर पख्तूनख्वा आतंकवादी गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है।
GTI 2026 की रिपोर्ट यह संकेत देती है कि पाकिस्तान में सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है, जिसका प्रभाव पूरे क्षेत्र पर पड़ सकता है। ऐसे में आतंकवाद से निपटने के लिए मजबूत रणनीति और क्षेत्रीय सहयोग की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।